पटना: देश भर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। बिहार में कोरोना के नए रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी क्रम में मंगलवार को बिहार के एक आईएएस अफसर की कोरोना से मौत की खबर है। पंचायती राज विभाग में पद पाने के लिए विनय रंजन पटना ऐम्स में भर्ती थे। इधर, बिहार विधानमंडल के 29 अधिकारी और कर्मी कोरोनाचारी पाए गए हैं, जिसके बाद विधान परिषद को 18 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है।
दो लोगों की कोरोना से हुई मौत
बिहार विधानसभा में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार विधानपरिषद के 18 और विधानसभा के 11 अधिकारी-कर्मी कोरोनाचारी हो गए हैं। वहीं, दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। विधानमंडल में एक साथ कोरोना के इतने मामले सामने आने के बाद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का कोरोना जांच कराने का फैसला लिया गया है। वहीं, 33 प्रति कर्मचारी को ही दफ्तर आने की अनुमति दी गयी है।
एसबीआई के आवासीय सर्किल में 500 कर्मी प्रकार
इधर, एसबीआई के पटना सर्किल (बिहार-झारखंड) में बीते शुक्रवार तक 500 कर्मियों को कोरोनाटेबिल पाया गया है। हालांकि, अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसबीआई के बिहार और झारखंड की शाखाओं में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। लेकिन अब तक किसी भी शाखा को बंद नहीं किया गया है। गाइडलाइंस का पालन करते हुए कामकाज चल रहा है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से उसी दफ्तरों में वैक्सीनशन कैंप लगाने का का निर्देश जारी किया गया है, जहां पर 100 या उससे अधिक की संख्या में स्टाफ हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने कहा कि केंद्र के आदेश के बावजूद बिहार सरकार की ओर से इस ओर पहल नहीं की गयी है। लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश का बिहार सरकार को तुरंत पालन करना चाहिए और टीकाकरण शिविर लगाना चाहिए ताकि कर्मचारी भयमुक्त होकर काम कर सकें।
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