पटना: बिहार में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे के मुखिया नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर बिहार सरकार पर कोरोना के सही आंकड़ों को छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि छवि बचाने के लिए आंकड़ों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस कारण से केंद्र की तरह से जिनती मदद मिलनी चाहिए उतनी मदद नहीं मिल रही है। तबाही का मंजर साफ दिख रहा है। ऐसे में सीएम नीतीश कुमार को अप्रोच बदलने की जरूरत है।
केंद्र से नहीं मिल रही है सहायता
तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, “नीतीश जी, कोरोना का केस लोड कम दिखाने के चक्कर में आप बिहार का कर कर रहे हैं। वायरस का चेन बढ़ता जा रहा है। कम आंकड़े दिखाने की वजह से केंद्र से ऑक्सीजन, वैक्सीन, इंजेक्शन। रेमडेसिवर, ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर, वेंटिलेटर इत्यादि अन्य आवश्यक सहायता भी नहीं मिल रही है और आप कुछ बोल भी नहीं रहे हैं। “
नीतीश जी, कैसलोद कम दिखाने के चक्कर में आप बिहार का नुकसान’सान कर रहे हैं। वाइरस का चेन उठ रहा है।
कम इंट चार्ट दिखाने की वजह से केंद्र से ऑक्सीजन, वैक्सीन, इंजेक्शन रेमेड्सविर, ओ 2 कॉन्सेंट्रेटर, वेंटिलेटर इत्यादि अन्य आवश्यक सहायता भी नहीं मिल रही है और आप कुछ बोल भी नहीं रहे हैं।
– तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) 28 अप्रैल, 2021
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “संक्रमण गांव-गांव फैल चुका है। अब भी अपना अप्रोच बदलिए वरना तबाही का मंजर साफ दिख रहा है। केंद्र से बिहार का वाजिब हक मांगिए। हमें छोटे राज्यों का आवंटन ज्यादा हो रहा है। अन्य राज्यों का अनुसरण करें। कर देश-विदेश की कंपनियों से संपर्क कर मेडिकल सप्लाई, वैक्सीन इत्यादिवर्ड खरीदिए। “
फिर से मत करो पिछले साल की तरह धुंध
तेजस्वी यादव ने कहा, “नीतीश जी, आप विनम्र निवेदन है कि पिछले साल जैसी गलती दोबारा मत करिए। आंकड़ों में हेराफेरी कर छवि बचाने से ज्यादा जरूरी लोगों का स्वास्थ्य है। आप जांच कर रहे हैं, लेकिन पॉजिटिव फीडबैक बढ़ गया है। जांच कम होने से संक्रमण की वास्तविकता नहीं मालूम होगी, उसका फैलाव होगा। ”
आदरणीय नीतीश जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि पिछले साल वाली धुंध फिर मत करिए।आँकड़ो में हेराफेरी कर छवि बचाने से ज़्यादा ज़रूरी लोगों का स्वास्थ्य है।आप जाँच कर रहे हैं लेकिन सकारात्मकता दर बढ़ी है। जाँच कम होने से संक्रमण की वास्तविकता नहीं मालूम होगी, उसका फैलाव बढ़ जाएगा। pic.twitter.com/xOackEIzQj
– तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) 28 अप्रैल, 2021
उन्होंने कहा, “एक साल बाद भी बिहार की कुल कोरोना जांच में एंटजेन टेस्ट्स की संख्या 65-70% है, जबकि आरटीपीसीआर सबसे कम मात्र 30-35% ही है। आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में 14-15 लग रही है। बजनिन लक्षण वाले मरीज़ों की जांच ही नहीं हो रही है। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की छोड़िए बिहार अभी तक जांच के स्तर पर ही बरामद हो रही है। ”
छवि बचाने पर होती है चर्चा
तेजस्वी ने कहा, “यह समझ नहीं आती है कि नीतीश जी की कथित हाई लेवल क्राइसिस ग्रूप की बैठक में कोरोना आरक्षण पर चर्चा होती है या छवि बदलने पर। अभी तक एक भी ऐसा ठोस कदम या निर्णय नहीं लिया गया है जिससे कोरोना संक्रमण कम हुआ है। किया जा सकता है, मरीज़ों का उचित इलाज संभव है, अस्पतालों का क्षमता विकास संभव है। ”
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