Home Lifestyle Covid-19: मोटे लोगों को कोरोना से है खतरा, गंभीर हो सकती है स्थिति, तुरंत घटाएं अपना वजन
Covid-19: मोटे लोगों को कोरोना से है खतरा, गंभीर हो सकती है स्थिति, तुरंत घटाएं अपना वजन

Covid-19: मोटे लोगों को कोरोना से है खतरा, गंभीर हो सकती है स्थिति, तुरंत घटाएं अपना वजन

by Sneha Shukla

पूरे देश में कोरोना महामारी का प्रकोप है। गांव से लेकर शहर हर जगह लाखों लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में उन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है जो पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं। अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो आपको कोरोना से ज्यादा खतरा हो सकता है। डॉक्टर्स का कहना है कि कोविभाजन रोगी लगभग दो सप्ताह में ठीक हो रहे हैं। लेकिन अगर आप मोटापा से ग्रसित हैं या आपको पहले से कोई परेशानी नहीं है, तो आपको इलाज और रिकवरी में ज्यादा मुश्किल हो सकती है। ओबेसिटी वाले लोगों को कोरोना से ठीक होने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है। इसके अलावा मोटे लोगों को ऑक्सीजन की कमी होने पर उन्हें हायर वेंटिलेशन प्रेशर की जरूर पड़ती है। ऐसे में मोटे लोगों का इलाज एक बड़ी चुनौती है। कोरोना काल में ऐसे लोगों को दूसरों से ज्यादा परेशानी हो रही है।

मोटे लोगों को कोरोना को बहुत अधिक

1 डॉक्टर्स का कहना है कि जो लोग मोटापे से ग्रसित हैं या जिनके पेट पर ज्यादा चर्बी है उन्हें पतले लोगों के मुकाबले कोविड से ठीक होने में ज्यादा देर लग रहा है।
2 मोटापे के शिकार लोगों में ऐबडमन प्रेशर की वजह से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है।
3 मोटॉप की वजह से फेफड़े सिकुड़े हुए रहते हैं और फेफड़े का काम करना मुश्किल हो जाता है।
4 कोरोना काल में मोटे रोगियों को दूसरों के मुकाबले वेंटिलेटर की जरूरत अधिक पड़ती है।
5 यदि शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है तो मोटे लोगों के लिए प्रोन पोजिशन भी संभव नहीं हो पाती है।
6 जो लोग मोटापे से ग्रसित हैं उन्हें कोरोना के रिकवरी में बहुत लंबा लगता है।
7 कोविड के मोटे रोगियों को हायर वेंटीलेटर प्रेशर की जरूरत पड़ती है।
8 मंथ की वजह से इम्यूनिटी स्लीप एपनिया भी ऐसे लोगों के बीच ऑक्सीजन सैचुरेशन स्तर को कम रखता है।
9 अगर आपके शरीर में फैट है तो इसकी वजह से सूजन जैसे मार्क जल्दी बनते हैं।
10 मोटे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में कोरोनावायरस ये पर जल्द अटैक कर सकता है।

मोटे लोगों को तीसरी लहर में ज्यादा खतरा है

डॉक्टरों का कहना है कि कोविड -19 की पहली लहर में मोटापा इतना बड़ा फैक्टर नहीं था। लेकिन पिछले लंबे समय से कुछ लोग घर से ही काम कर रहे हैं ऐसे में कई लोगों का वजन बढ़ गया है। अब इन लोगों को भी चेतन होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं दूसरी लहर में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा आ रही है जो किसी बीमारी से ग्रसित हैं या मोटापे के शिकार हैं। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने लोगों को आगाह किया है कि अगर अभी भी अपनी फ़िट पर ध्यान नहीं दिया गया तो आप खुद को गंभीर को विभाजित के खतरे मे डाल रहे हैं। अगर आपको इस खतरे से खुद को बचाना है तो आपको खुद को फिट रखना होगा। ऐसे में आपको अपनी सेहत का बहुत ख्याल रखना की जरूरत है। अगर कोरोना की तीसरी लहर आई तो आपको खुद को ताइरा रखने की जरूरत है। इसके लिए आपको फ़िट के लिए हर रोज़ 1 से 2 घंटे जरूर निकालने की ज़रूरत है।

ये भी पढ़ें: बेटिकन के लिए खतरनाक हो सकता है कोरोना की तीसरी लहर, कैसे रखें बच्चों को सुरक्षित?

नीचे देखें स्वास्थ्य उपकरण-
अपने बॉडी मास इंडेक्स (BMI) की गणना करें

आयु कैलकुलेटर के माध्यम से आयु की गणना करें

Related Posts

Leave a Comment