[ad_1]
स्पष्ट पर अच्छाई की जीत और रंगों और प्रेम का त्योहार होली सोमवार को देशभर में पाबंदियों के बीच मनायी जा रही है। वैश्विक महामारी कोरोनाइरस ((विड -19) के मद्देनजर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने इस साल होली मनाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं और लोगों से घरों में ही होली मनाने की अपील की है।
होली का उत्साह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि खोजों में हस्तक्षेपने को मिलता है। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस त्योहार को बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है। इसके अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार हिरण्यकशिपु ने अपनी बहन होलिका को अपने पुत्र और भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को आग में लेकर बैठने का आदेश दिया था। होलिका को वरदान मिला हुआ था कि वह आग में नहीं जलेगी। हिरण्यकशिपु के आदेश के मुताबिक होलिका भक्त प्रहलाद को लेकर अग्नि में बैठी, लेकिन वह आग में जल गयी और भक्त प्रहलाद बच गए। उसी समय से फाल्गुन मास के पूर्णिमा को होलिका दहन होता है और उसके अगले दिन रंगों का त्योहार होली मनायी जाती है। यह त्योहार राधा और कृष्ण की पवित्र प्रेम कहानी से जुड़ा हुआ है। होली के मौके पर राधा और कृष्ण की नगरी मथुरा और वृंदावन में मनमोहक नजारा देखने को मिलता है।
।
[ad_2]
Source link
