रमजान 2021: शाबान की 30 तारीख के बाद सऊदी अरब में आज से रोजे की शुरुआत हो गई है, जबकि कल नमाज ईशा के बाद तरावीह पढ़ी गई। रविवार को चांद नहीं देखा जा रहा था। चांद से रमजान महीने की शुरुआत को स्थापित किया जाता है और इसके लिए कमेटी की बैठक सोमवार को एक बार फिर बुलाई गई थी। इसके विपरीत, भारत में आज से तरावीह की शुरुआत और कल बुधवार से रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा।
भारत में कल चांद नजर आने का कहीं से सबूत नहीं मिलने के बाद बुधवार से रोजे की शुरुआत होनी तय है। रमजान के महीने में हर बालिग, स्वस्थ, दिमागी रूप से सक्षम मुसलमान के लिए रोजा रखना जरूरी है। हालाँकि, मुसाफ़िर या बीमार या पीरियड्स से महिलाओं के लिए रोज़ा छोड़नाive है, लेकिन इसकी भरपाई रमजान के बाद किसी और महीने में होनी चाहिए।
इस बार रमजान पिछले साल की तरह कोरोनावायरस महामारी के साए में शुरू हो रहा है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारों ने को विभाजित -19 नियमों को लागू किया है। हालांकि, इस साल के नियमों में पिछले साल के मुकाबले ढीले हैं। पिछले साल कोरोना की रोकथाम के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। आप रमजान के रोजे भी रख सकते हैं और मैं भी कर सकता हूं, लेकिन गाइडलाइन्स को मद्देनजर रखते हुए।
आपको सुनिश्चित करना होगा कि कहीं आपकी लापरवाही दूसरों के लिए भारी न पड़े। केरल के मुसलमानों ने भारत को एक दिन पहले रोजा शुरू कर दिया है। एक तिहाई मुस्लिम आबादी वाले दक्षिणी राज्य में आम तौर से रमजान और ईद शेष भारत से एक दिन पहले विशेष रूप से मनाई जाती है।
सुरक्षा के लिए बरती जानेवाली एहतियात
तरावीह के लिए मस्जिदों में भीड़भाड़ से बचा जाना चाहिए
मस्जिद में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए
इक्का के लम्बे सामूहिक आयोजन से परहेज किया जाए
लोगों का स्वागत करने के लिए गले न मिलें, हाथ न मिले
कोरोनावायरस: अनुसंधान से खुलासा- तेज धूप को विभाजित -19 से मृत्यु के खतरे को कर सकता है
कोविद -19 वैक्सीन: रमजान के दौरान वैक्सीन लगवाने से नहीं टूटता रोजा, मुस्लिम उलेमा का बयान
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