पटना: उत्तर प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद बिहार सरकार ने भी आगामी एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुक्त कोरोना वैक्सीन लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को खुद इसकी जानकारी दी है। सीएम नीतीश कुमार के एलान के साथ ही विपक्ष ने सरकार पर एक बार फिर जोरदार हमला बोला है।
फैसला में आकर फैसला लिया गया
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार घोषणा करने के मूड में नहीं थी। लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अधीन में सरकार ने घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। पहले भी सरकार ने कई घोषणा की हैं, लेकिन वह घोषणाएं नाकाम साबित हुई हैं।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह घोषणा भी कहीं 19 लाख रोजगार की घोषणा की तरह नाकाम ना साबित हो जाए, इसलिए सरकार को पहले पूरा प्लानिंग होगा क्योंकि केंद्र सरकार ने यह बात साफ कहा है कि राज्य सरकार को वैक्सीन खरीदनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि फ्रीेक देने का ऐलान तो सरकार कह रही है, लेकिन धरातल पर यह कितना कारगर साबित होता है, यह समय ही बताता है। कुछ बाकी चीजों की तरह ये बात भी हवा हवाई साबित नहीं होगी।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर निर्णय लिया गया
गौरतलब है कि देश भर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश में 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की घोषणा की है। ये प्रकिया 1 मई, 2021 से शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार के इस एलान के बाद लगातार ये सवाल उठ रहा था कि इस घोषणा के आलोक में बिहार सरकार की क्या प्लानिंग है? ऐसे में सभी कयासों पर विराम लगाते हुए ये स्पष्ट कर दिया गया है कि बिहार में 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी की मुफ्त में कोरोना वैक्सीन दी जाएगी।
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