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UP: मास्क चेकिंग के दौरान युवक ने चौकी इंचार्ज को जड़ा थप्पड़, मौके से हुआ फरार

UP: ऑक्सीजन मदद की मांग को लेकर भय और डर का माहौल बना रहा युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा, पढ़ें पूरा मामला

by Sneha Shukla

अमेठी: कोरोना संक्रमण के इस दौर में तमाम स्थानों से ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत को लेकर ख़बरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनों की जान बचाने के लिए मदद मांगते नजर आ रहे हैं। इस बीच यह भी देखने को मिल रहा है कि इस आपदा की घड़ी में कुछ लोग अफवाह और डर का माहौल पैदा करने से चूक नहीं रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अमेठी जिले से सामने आया है। जहां एक युवक ने सैटेलाइट के माध्यम से बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद से अपने नाना के लिए ऑक्सीजन की गुहार लगाई। मामला केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी के संसदीय से जुड़ा होने की वजह से सांसद, जिला प्रशासन और पुलिस भी हरकत में आई। लेकिन जांच के बाद मामला फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज युवक को गिरफ्तार किया और फिर चेतावनी छोड़ दी।

ये पूरा मामला था

दरअसल, मामला 26 अप्रैल की मध्य रात्रि का है। शशांक यादव नाम के एक युवक ने सोनू सूद को ट्वीट कर अपने नाना के लिए ऑक्सीजन की गुहार लगाई। इस ट्वीट के बाद मीडिया के लोगों ने भी समीक्षा की और अपने स्तर से ट्वीट को शेयर करना शुरू किया। ट्वीट वायरल होने पर पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा भी सक्रिय हो गया। सांसद स्मृति इरानी ने भी ट्वीट कर जानकारी दी कि शशांक यादव से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। बाद में एक और ट्वीट आया, नाना जी गुजर गए।

इस तरह घर पहुंची पुलिस

इस बीच अमेठी पुलिस और सीएमओ ने भी शशांक यादव से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उसका फोन बंद पाया गया। अमेठी के पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि ट्वीट के बाद हमने और सीएमओ साहब ने कई बार शशांक से संपर्क की कोशिश की। लेकिन फोन बंद था। हमें लगा कि मुश्किल की घड़ी में फोन किसी कारण से बंद हो गया होगा। लिहाजा हमने मोबाइल की लास्ट लोकेशन को ट्रेस किया और उसके घर पुलिस पहुंची। उस वक्त शशांक घर में सो रहा था।

ये थी मौलिकता

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि बुजुर्ग दूर के रिश्ते में शशांक के नाना लगते थे। वे 88 साल के थे और बीमार थे। हालांकि उन्हें न तो कोरोना था और न ही ऑक्सीजन के लिए कोई औषधीय परामर्श ही डॉक्टर द्वारा दी गई थी। लेकिन केवल सेंसेशन पैदा करने के लिए शशांक ने ट्वीट कर ऑक्सीजन की डिमांड की। शशांक ने भी पूछताछ में यह कबूला कि उससे गलती हुई। शशांक के खिलाफ रामगंज थाने में 188, 269,5 05, 03 महामारी अधिनियम और आपदा अधिनियम की धारा 54 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 41 की नोटिस तामील करवाकर चेतावनी देते हुए उसे छोड़ दिया गया।

युवक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि, कहीं न कहीं गलत और भ्रामक जानकारी के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से पैनिक फ़ैलाने के काम किए गए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से मदद मांग सकता है। उसके लिए हम हमेशा तैयार हैं। लेकिन इस आपदा के समय में अमेठी के लोगों से अपील है कि वे भ्रामक जानकारी न फैलाएं। क्योंकि झूठी डिमांड से कोरोना वर्कर्स परेशान होंगे और वास्तव में जरूरत पड़ने पर उनकी मदद नहीं कर पाएंगे।

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