ट्राउन: देश की आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब जालौन के आटा गांव में विकास की बागडोर अब किसी महिला प्रधान के हाथों में होगी। 60 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद इस पंचायत चुनाव में ग्राम आटा में सामान्य महिला सीट आरक्षित की गई है। चुनाव में महिलाओं ने भी पूरे दमखम के साथ शंखनाद किया है। इस बार महिला ही इस सीट पर जीत दर्ज कर अपना परचम लहराएगी।
महिलाओं की खुशी की लहर
बता दें कि, जालौन के आटा गांव में देश की आजादी के बाद अब इस बार पंचायत चुनाव में सामान्य महिला सीट को आरक्षित किया गया है। सरकार महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए उन्हें चुनाव में पुरुषों के बराबर खड़े होने के लिए चुनावी मैदान में अपनी शक्ति प्रदर्शन करने का मौका दे रही है। आटा गांव में पहली बार महिला सीट के आने से महिलाओं में खुशी की लहर है और पुरुष भी महिलाओं को इसके लायक बता रहे हैं। लोग सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।
26 अप्रैल को होगा मतदान
आटा गांव में वोटरों की संख्या लगभग 5000 के करीब हैं। जिसमें 2000 महिला वेटर और 3000 पुरुष वेटर हैं। यहां की आबादी 10000 के आसपास है। इसी तरह घनी आबादी वाले गांव में कई महिला प्रत्याशियों ने चुनावी रण में हुंकार भरी है और मुकाबला भी रोमांचक होने की उम्मीद जताई जा रही है। जालौन में 13 अप्रैल से नामांकन शुरू होगा और 26 अप्रैल को मतदान होना है। गांव के लोग भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। गांव के पुरुषों का कहना है कि महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। चाहे कोई भी क्षेत्र हो महिलाओं की भागीदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

गांव का विकास होगा
महिला सीट आने से यहां की महिलाओं का कहना है कि 60 साल का लंबा वनवास बीतने के बाद ये शुभ घड़ी आई है और सरकार ने जो मौका दिया उसके लिए दिल से धन्यवाद। लेकिन, जब बात देश में बराबरी की हो रही है तो महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। गांव का विकास होगा, जो भी समस्याएं उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे। महिलाओं का मानना है कि महिला प्रधान होने से महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाएगा और चुनाव के परिणाम आने के बाद गांव में इतिहास रचा जाएगा।
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