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ट्राउन: पंचायत चुनाव को लेकर यूपी सरकार ने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट बनवाने के निर्देश दिए हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है प्रत्याशी की आपराधिक गतिविधि। अब प्रत्यशियों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड का जोररा पुलिस सत्यापन के माध्यम से देना होगा।
असमंजस में लोग हैं
बता दें कि यूपी चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ है कि पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चरित्र प्रमाण पत्र का सत्यापन पुलिस अधीक्षक कार्यालय से देना होगा। ऑफ़लाइन और पूर्वी प्रक्रिया होने की वजह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदकों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। दूर लिफ्ट के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नामांकन की तिथि करीब है जिसको लेकर लोग असमंजस में हैं कि आखिर चरित्र प्रमाण पत्र समय पर मिल पाएगा या नहीं। ऑफ़लाइन प्रक्रिया में तकनीकी खराबी होने के कारण कई लोगों के चरित्र प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।
थाना स्तर पर होनी चाहिए थी प्रक्रिया
ऐसे में कार्यालय में आवेदन करने आए लोगों ने बताया कि ये प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि चरित्र प्रमाण पत्र नामांकन के वक्त देना होगा। ऐसे में 60-70 किलोमीटर दूर सरणी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर थाने के स्तर पर यह प्रक्रिया होती है तो इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
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