<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> टिहरी: strong> जिले में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए भटिंडा से एनडीआरएफ की टीम टिहरी पहुंच गई है। 28 सदस्यीय दल ने फारेस्ट टीम के साथ नई टिहरी-चंबा रोड पर भुनाभागी के जंगल में ऑपरेशन फायर को लेकर ट्रायल किया। इस मौके पर फारेस्ट के अधिकारियों द्वारा एनडीआरएफ की टीम को पहाड़ों में जंगलों में आग बुझाने और कंट्रोल बर्निंग के बारे में बताया गया। डीएफओ का कहना है कि, एनडीआरएफ की टीम के साथ कुछ दिन तक ट्रायल किया जाएगा और उन्हें फायर कंट्रोल के बारे में बताया जाएगा, जिसके बाद आग लगने वाले क्षेत्रों में फारेस्ट टीम के साथ भेजा जाएगा। एनडीआरएफ के अधिकारी का कहना है कि, पहाड़ों में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भेजा गया है, जो फारेस्ट टीम के साथ ऑपरेशन फायर में भाग लेगी। p>
आग का तांडव और सरकार के प्रयास strong> p>
उत्तराखंड में कई इलाकों में आग का कहर शुरू हो गया है। अभी गर्मियों की शरुआत में ही ये हाल है। बीते कुछ महीनों में प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक लोग इस आग की भेंट चढ़ चुके हैं, जबकि, कई घायल भी हुए हैं। यह नहीं है, जँगलों की आग की चपेट में आकर बड़ी संख्या में जानवर भी मारे गए। पौड़ी, अल्मोड़ा और टिहरी में आग की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। हालाँकि, राज्य सरकार अपने स्तर पर हरसंभव कोशिश कर रही है, यहाँ तक कि हेलिकॉप्टर तक आग बुझाने के लिए अयाये गये हैं। p>
वहीं, पहाड़ी इलाकों में इस आग पर नियंत्रण पाना बड़ी चुनौती है। इसके लिए विशेषज्ञों की जरूरत होती है। सरकार अब एनडीआरफ के मदद से प्रभावी प्रयास करेगी। p>
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