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उत्तर देना: एक साल पहले थाती डाकघर में 15 सौ खाने वालों के खाते से डाकपाल ने 2 करोड़ से अधिक की धनराशि गबन कर निकाल ली थी। अब तक डाकघर से उनके पोस्ट ऑफिस में जमा की जिंदगी भर की कमाई पर ठोस आश्वासन न मिलने से ग्रामीणों ने एक बार फिर बैठक कर आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। जिसके चलते ग्रामीण थाती गांव के भेटा में बैठक की। इस बैक में ग्रामीणों ने तीन दिन के अंदर एक और बैठक कर सड़क पर उतरने का मन बना लिया है। इस दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रसासन और डाक विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया है। ग्रामीणों ने आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों की माने तो जीवन भर की कमाई डाकघर ले उड़ा है, अब उनके पास आंदोलन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
डाकपाल ने फर्जीवाड़ा किया
आपको बता दें, मामला डुंडा ब्लॉक के शाखा डाकघर थाती धनारी का है। जहां ग्रामीणों की ओर से खोले गए सेविंग, टीडी, चालू खातों में की गई जमा पूंजी को शाखा डाकपाल द्वारा उनकी पासबुक पर तो एंट्री कर दी गई है, लेकिन जमा पूंजी को ऑडिट कार्यालय डुंडा में जमा नहीं किया गया है। मामला की भनक लोगों को उस समय शुरू हुई जब लोगों की एफडी पूरी तरह से हुई और उन्होंने पूंजी का ब्याज सहित भुगतान लेना चाहा। जिस पर शाखा डाकपाल ने कभी मूल धनराशी देने व कभी आगे बढ़ाने और कभी पासबुक भुगतान के लिए प्रेषक की बात कही। जिस पर खाताधारकों को संशय हुआ और उन्होंने डुंडा डाकघर से कुल धनराशी जमा होने की पुष्टी के लिए पासबुक पर एंट्री करानी शुरू कर दी। जिसमें पता चला कि जो खाते में 40, हजार रूपए जमा किए गए हैं, वहां शाखा डाकपाल द्वारा महज 4000 रूपए ही जमा किए गए थे।
18 गांव के 1500 खाते हैं शाखा डाकघर थाती में
डुंडा ब्लॉक शाखा डाकघर थाती धनारी में 18 गांव के कुल 1500 खाते ग्रामीणों द्वारा खोले गए हैं। जिसमें कई खातों से धनराशि गायब थी। साथ कई की पासबुक ही गायब की हुई थी।
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