<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> वास्तु टिप्स: strong> वास्तु एक प्रकार का ज्योतिष है। यह हमें दिशा के ज्ञान के साथ ही साथ मकान निर्माण संबंधी कुछ महत्त्वपूर्ण चीजों को भी सम्पूर्णता है। यह पारिवारिक कलह, दुःख, रोग, धनाभाव से भी मुक्ति दिलाने की तरकीबें भी इंगित करता है। कई बार हम अपने जीवन को और अधिक सुंदर और सुखमय बनाने के लिए भवन निर्माण या व्यवसाय के लिए जमीन क्रय करते हैं लेकिन कभी-कभी दुर्भाग्यवश ऐसा होता है कि उस जमीन को क्रय करने से ही हमारा और परिवार का चैन-सुकून सब चला जाता है। । कुछ लोग इसे अपना दुर्भाग्य कहते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपनी मानकर की हुई गलती का नाम देते हैं। इन्हीं विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए वास्तु-शास्त्र उपाय बताता है। जिसको करने से व्यक्ति इन विकट परिस्थितियों से छुटकारा पाता है। बेहतर यह है कि लोगों को गलती से उनका समाधान खोजने के बजाए इन क्षमताओं से बचने का उपाय करें। & nbsp; p>
प्लॉट strong> लेने strong> से strong> पहले strong> ये strong> चीजें strong> < strong> का strong> रखना strong> ध्यान strong> & nbsp; & nbsp; strong> p>
- प्लॉट लेते समय इस बात को सुनिश्चित कर लें कि उसके आस पास नाला, शमशान घाट, कब्रिस्तान आदि जैसी चीजें न हों। li>
- प्लॉटके आसपास कोई पुराना खंडहर या पुराना कुआं भी नहीं होना चाहिए। इससे घर का ओरामपाल प्रभावित होता है। li>
- प्लॉट खरीदने का समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर का मेन गेट उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए। li>
- जहां तक दक्षिण मुखी प्लखी हो। लेने से बचना चाहिए। li>
- प्लॉट के सामने खुले स्थान या बाग़ हो तो बेहतर है। li>
- प्लॉट निचले स्थान पर नहीं होना चाहिए। क्योंकि बरसात के दिनों में घर के आस-पास पानी इकट्ठा होने का डर रहता है। घर के इर्द-गिर्द पानी एकत्रित होने से मन में हीन संभावना पैदा होती है। li> ul>
