खाद्य आपूर्ति कंपनी जोमाटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल को बैकफुट पर आना पड़ा है। उन्होंने इंदिरा फूड एप्लीकेशन सर्विस स्विगी पर मुंबई में रात 8 बजे के बाद सेवाओं के लिए निशाना साधा था। ये मामला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के रात 8 बजे से शुरू हो रहा कर्फ्यू एलान के बाद सामने आया। हालाँकि, महाराष्ट्र सरकार की ओर से आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई थी।
जोमैटो सीईओ को कम बैकफुट मिला था
दीपेंद्र गोयल ने सैटेलाइट पर स्विगी एप का एक शेयर किया जिसमें लिखा था, ‘ऑर्डर के कहते हैं, हमारी सेवाएं सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक संचालित रहती हैं।’ ट्वीट में मुंबई पुलिस को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, “जोमाटो आवश्यक खाद्य वितरण सेवा रात 8 बजे के बाद मुंबई में उपलब्ध करने के लिए तैयार है, लेकिन हम ऐसा इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि कानून का पालन करनेवाले हैं। मैं समझता हूं कि। हमारी मुंबई की कंपनी रात 8 बजे के बाद सेवा का संचालन जारी रखा गया है। मैं मुंबई पुलिस से अनुरोध करता हूं कि कृप्या स्थिति स्पष्ट करे। “
बहुत जल्दी वायरल हुए ट्वीट ने मुंबई पुलिस का ध्यान खींचने पर मजबूर किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लिखा, “कृप्या सरकार अधिसूचना को पढ़ें। इसमें कहा गया है कि गृह सूचना सेवा की अनुमति है लेकिन समय सीमा का निर्धारण नहीं है।”
फूड ऑफर स्विगी से पूछा गया
जोमातो के सीईओ ने आगे मुंबई पुलिस का त्वरितकरण के लिए शुक्रिया अदा किया और कुछ पोस्ट में स्विगी से माफी मांगी। उन्होंने अतिरिक्त म्यूनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे का एक ट्वीट शेयर किया, जिन्होंने खाद्य आपूर्ति सेवाओं के लिए मुंबई म्यूनिसिपल कोर्प की एक कॉपी साझा की थी।
इसके बावजूद, दीपेंद्र गोयल का ट्वीट इंटरनेट उपयोगकर्ता को रास नहीं आया। उन्होंने बिना समय गंवाए तीर्थ यात्रा की। एक शख्स ने लिखा, “ये अनैतिक है। अगर आपको कोई शिकायत नहीं थी, तो आपको निजी तौर पर चाहिए।” एक अन्य ने ट्विट किया, “उसे पाबंदी से बाहर रखा गया है। जोमाटो सिर्फ पब्लिसिटी चाह रहा है। साफ है कि कंपनी स्विगी की कामयाबी से घबरा गई है।”
कोरोनावायरस: जानिए को विभाजित -19 वैक्सीन लगवाने से पहले और बाद में क्या खाना-पीना चाहिए
आसानी से उपलब्ध करी पत्ता में स्वास्थ्य सहित सौंदर्य के भी गुण हैं, जानिए हैरतअंगेज फायदे
।
