सूरत: एक तरफ कोरोना का खतरा फिर से गहरा रहा है, देश में दूसरे सख्त लॉकडाउन की चर्चा गरम है। कुछ खुराफाती तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे ही एक तत्व को गुजरात के सूरत जिले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने एक लॉकडाउन का एक जाली ऑर्डर हटा दिया था जिसके बाद से अफरातफरी मच गया था।
कोरोना को लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश
पुलिस ने बताया कि 10 अप्रैल को किसी अज्ञात शख्स ने सोशल मीडिया पर बिना किसी प्रमाण पत्र के कोरोना को लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश की। उन्होंने राज्य के गृह विभाग के नाम पर एक जाली लेटर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। यह एक जाली डिजिटल लेटर पैड था और आईएएस का नाम भी लिख दिया गया था। यही नहीं पूरे गुजरात स्तर पर जाली आदेश भी जारी कर दिए गए।
इस लेटर में लिखा था कि गुजरात के 6 बड़े शहरों में 11 अप्रैल से लेकर 17 अप्रैल तक पूरी तरह से लॉकडाउन होगा। इससे पूरे राज्य में अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग सरकारी विभागों और दूसरों के यहाँ फोन करने लगे। गृह विभाग भी इस अफवाह से सकते में आ गया है। फिर जांच हुई तो जाली लेटर के बारे में जानकारी मिली।
आईएएस अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवाई है
इस मामले में विभाग के सीनियर आईएएस अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस का कहना है कि जांच में पता चला है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसे यह लेटर मिला था और फिर बिना किसी सत्यापन के ही उसने सीधा यह लेटर अपनी वाल्स पर शेयर कर दीं। देखते ही देखते यह लेटर पूरी तरह वायरल हो गया।
पुलिस का कहना है कि कई बार लोगों से अपील की गई है कि कोरोना और लॉकडाउन से संबंधित कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। गौरतलब है कि कोई भी अफवाह वाली सामग्री अगर सोशल मीडिया पर शेयर की जाएगी तो उस व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
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