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किशन कुमार, नई दिल्ली
द्वारा प्रकाशित: दुष्यंत शर्मा
अपडेटेड सत, 03 अप्रैल 2021 05:25 पूर्वाह्न IST
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दरअसल, करन पहले एक सांसद के यहां ड्राइवर का काम करते थे। अचानक से लगे लॉकडाउन से उनकी जिदंगी में भी उतार पर ब्रेक लग गया। सांसद के यहां से नौकरी गई तो रहने के लिए मिली सरकारी छत को भी छोड़ना पड़ा। इसके बाद रहने का संकट भी खड़ा हो गया, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। ससुर ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए पासारा बसर करने के लिए कुछ समय के लिए गाड़ी दे दी।
दो महीने तक गाड़ी से ही घर बनाया
गाड़ी मिलने के बाद दंपती ने गाड़ी को ही आशियाना बनाया। लगभग दो महीने तक दोनों गाड़ी में ही सोते और गुरुद्वारे के मोटे रोटी और सब्जी पर गुजारा होता है। इसके बाद पत्नी अमृता के कहने पर गाड़ी में ही होटल खोलने का विचार किया। इसके लिए घर का सामान बेचकर होटल खोलने की तैयारी की।
नवंबर में वायरल हुआ वीडियो
दंपती की कहानी व संघर्ष को लेकर गत वर्ष नवंबर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद दोनों की कहानी को न सिर्फ दिल्ली वासियों ने सराहा बल्कि देश के साथ विदेश तक कहानी के चर्चे हुए। इसके बाद दिल्ली के दूर दराज के लोग दंपती से मिलने व मदद के लिए पहुंचे। करन ने बताया कि वर्तमान में अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों ने वीडियों देखने के बाद मिलने की मंशा जताई। साथ ही विदेश में भी उनके राजमा व छोले चावल प्रसिद्ध हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसमें विदेश में पढ़ने वाले छात्रों का समूह भी शामिल है, जो मिलने की चाहत रखता है।
भविष्य में अपना रेस्तरां खोलने की तैयारी है
दंपति ने बताया कि भविष्य में कभी होटल चलाने का सोचा नहीं था। अब इसी के सहारे जीवन चलाने का मन बना लिया है। यही कारण है कि भविष्य में अब अपना रेस्तरां खोलने का प्रयास है। दंपति ने बताया कि जनवरी के बाद से काम हल्का हो गया है, लेकिन आगे भी उम्मीद जारी रहेगी।
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