नई दिल्ली: कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच रूसी की स्पुतोनिक वैक्सीन आज भारत में आ जाएगी। स्पुतोनिक वैक्सीन के भारत आने से तीसरे चरण के वैक्सीनेशन में तेजी से देखने को मिलेगा। भारत में 18 से 44 साल के लोगों के लिए तीसरे चरण का वैक्सीनेशन आज से शुरू होगा। तीसरे चरण के लिए भारी संख्या में लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया है।
मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण में रूस से डेढ़ से दो लाख स्पुतनिक वैक्सीन की खुराक भारत आएगी। इसके बाद मई के अंत तक स्पुतनिक-वी 30 लाख और खुराक भारत आ जाएगा। स्पुतोनिक-वी वैक्सीन को गमलेया नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेम सियोलिंग और माइक्रोबायोलॉजी की ओर से विकसित की गई है।
टीकाकरण अभियान में तेजी आई
कई विशेषज्ञों ने उम्मीद भी जताई है कि इस वैक्सीन के आने के बाद तीसरे चरण के टीकाकरण अभियान में तेजी सेगी साथ ही भारत को कोरोना महामारी की दूसरी लहर से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।
हाल ही में केंद्र सरकार ने रूसी को विभाजित वैक्लाइनर्स शपुतोनिक-वी के निरीक्षण को मंजूरी दी है। ऐसा माना जा रहा है कि स्पुतनिक-वी वैक्सीन के भारत आने से कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को काफी मदद मिलेगी। बता दें कि भारत अभी कोरोना संक्रमण के खिलाफ दो टीके कोविशील्ड और कोवैक्सिन के साथ लड़ाई लड़ रहा है।
16 जनवरी से टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी
भारत में इसी वर्ष 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी। दोनों वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सिन को इसी साल भारत में इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी।
भारत में पुणे का सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इसका प्रोडक्शन कर रहा है। वहीं, कोविक्सिन को भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलिंग के साथ मिलकर बनाया जा रहा है।
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