<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नई दिल्ली: strong> भारत में कोरोना का बढ़ता ग्राफ कहर ढा रहा है। ऐसे में को विभाजित महामारी के बीच दुनिया को दवा और वैक्सीन की मदद पहुंचाने के लिए कई मित्र देशों ने भी सहायता का हाथ बढ़ाया है। इस कड़ी में रूस जहां ऑक्सीजन उपकरण और दवाएं पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। वहीं फ्रांस, ब्रिटेन आदि ने भी मदद का प्रस्ताव दिया। p>
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत को मित्र देशों से ऑक्सीजन आपूर्ति में आ रही किल्लत दूर करने के लिए मदद के प्रस्ताव मिले हैं। इसमें रूसी की तरफ से ऑक्सीजन कन्टेनर और ऑक्सीजन कन्संट्रेटर दिए जाने के प्रस्ताव हैं। इसके अलावा रूस ने कुछ ज़रूरी दवाओं को भी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक मदद की यह खेप जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। फ्रांस और ब्रिटेन ने भी सहायता के भरोसे के साथ भारत की तात्कालिक जरूरतों पर जानकारी मांगी है। p>
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर से भारी भरकम क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कन्संट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की निगरानी में भारतीय वायुसेना के विमानों ने इन टेंकरों को भारत पहुंचाया। अब इनका इस्तेमाल ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए किया जाएगा। p>
जर्मनी से भी 23 मोबाइल ऑक्सीजन और प्लांट एयरलिफ्ट कर मंगवाए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल सैन्य चिकित्सा सेवा के अस्पतालों में किया जाएगा। इस बीच भारतीय दूतावासों में एनआरआई बिरादरी की ओर से भी मदद के प्रस्ताव मिले हैं। बर्लिन स्थित दूतावास ने बयान जारी करते हुए कहा कि ऐसे प्रस्तावों को रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से भेजा जाए। p>
