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पाकिस्तान की इमरान सरकार ने भारत से कपास के आयात के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पाकिस्तान के कैलकुलेटर मंत्री शेख रशीद ने कहा कि जब तक भारत जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 वें नहीं करता है तब तक भारत से चीनी और कपास के आयात पर रोक रहेगी। गौरतलब है कि एक दिन पहले पाकिस्तान के आर्थिक समन्वय परिषद ने भारत को कपास और सूती वस्तुओं के आयात की इजाजत दी थी।
पाकिस्तान गणना की तरफ से यह फैसला ऐसे वक्त पर लिया गया है जब दोनों देशों के बीच रिश्तों पर जमीं बर्फ अब पिघलने लगी है। पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से पाकिस्तान डे पर पीएम इमरान खान को पत्र भेजकर जीत दी गई थी। उसके बाद इमरान खान ने प्रधानमंत्री मोदी को जवाब पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की वकालत की थी।
इमरान खान ने पीएम मोदी के पत्र के जवाब में लिखा था- “हमें यह विश्वास है कि दक्षिण एशिया में लंबे समय तक शांति और भारत-पाकिस्तान के बीच संधि मुद्दों को सुलझाए जाने खासकर जम्मू कश्मीर विवाद पर निर्भर करता है। साकारात्मक और बदले की भावना। बातचीत के लिए सौहार्द वातावरण का बनाया जाना जरूरी है। ” उन्होंने आगे कहा कि वे को -19 महामारी के खिलाफ लड़ाई को लेकर भारतीय जनता को शुभकामनाएं देना चाहते हैं।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने इमरान खान को प्रेषित संदेश में कहा था कि भारत पाकिस्तान की आवाज़म के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है और इसके लिए आतंक शत्रुता मुक्त वातावरण बेहद ज़रूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने आपके पत्र में कोरोनावायरस से लड़ाई का भी ज़िक्र करते हुए इमरान खान और पाकिस्तान की आवाज़म को शुभकामनाएं दी थीं।
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