Home Breaking News किसान आंदोलन : रास्ता खोलने का काम शुरू, गाजीपुर बॉर्डर से हटाए गए सीमेंट के बैरियर
गाजीपुर बॉर्डर

किसान आंदोलन : रास्ता खोलने का काम शुरू, गाजीपुर बॉर्डर से हटाए गए सीमेंट के बैरियर

by Sneha Shukla

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

द्वारा प्रकाशित: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Apr 2021 12:26 AM IST

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गाजीपुर बॉर्डर पर रविवार देर रात दिल्ली से गाजियाबाद की ओर से जाने वाले रास्ते को खोलने का काम शुरू हो गया है। दिल्ली- मेरठ हाईवे पर शुरू बैरिकेडिंग को बचाया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस इस मामले में कुछ भी नहीं कह रही है। उधर, किसानों का कहना है कि उनके आह्वान के बाद ही पुलिस इस तरह को खोल रही है।

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाले रास्ते की तीन लेन को खोला जा रहा है। किसानों के आह्वान के बाद ही पुलिस ने यह कदम उठाया है। लोगों को हो रही परेशानी के चलते कई दिनों से किसान प्रशासन से इस तरह को खोलने की मांग कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली सभी लेना अभी भी बंद हैं और यहां पर किसान धरने पर बैठे हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है।

किसानों से आहवान …
इस बीच, यूपी गेट पर रविवार को गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने सरकार को कड़ा संदेश दिया। कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार दिल्ली की सीमाओं पर चल रही किसान आंदोलन को समाप्त करने की तैयारी कर रही है।) ऐसे में भाकियू ने आंदोलनरत पर किसानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। पदाधिकारियों ने पश्चिमी यूपी और आसपास के जिलों के किसानों से 20 अप्रैल तक यूपी गेट बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया है।

गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार कई सरकारी संस्थाओं को बेचने में लगी है। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट -4 की सीईएल कर्मचारी संघ कई दिनों से सरकार की नीति का विरोध कर रहा है। इसमें भाकियू पदाधिकारियों ने कर्मचारी संघ को समर्थन देकर नीति का विरोध करने की भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अब कोरोना महामारी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आपदा को अवसर में बदलने की नीति पर सरकार बहुत सारी कंपनियों को बेच रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना की आड़ में किसान आंदोलन समाप्त करने की खेती की जा रही है। जिस तरह से हरियाणा के एक बड़े नेता ने ऑपरेशन क्लीन चलाने की बात कही उससे किसानों में है। लेकिन किसान इसको सफल नहीं होगा। लंबे समय से किसान सड़कों पर बैठे हैं। सरकार के साथ लगभग 11 दौर की बातचीत हुई। लेकिन हर बार सरकार ने सिर्फ किसानों के साथ मजाक किया।

जिद पर अड़े किसान …
किसानों का अब यह भी कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तब तक हम तब तक खड़े नहीं होते। किसानों का कहना है कि सरकार भले ही हमारा आंदोलन खत्म करने की योजना रच रही है लेकिन हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

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गाजीपुर बॉर्डर पर रविवार देर रात दिल्ली से गाजियाबाद की ओर से जाने वाले रास्ते को खोलने का काम शुरू हो गया है। दिल्ली- मेरठ हाईवे पर शुरू बैरिकेडिंग को बचाया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस इस मामले में कुछ भी नहीं कह रही है। उधर, किसानों का कहना है कि उनके आह्वान के बाद ही पुलिस इस तरह को खोल रही है।

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाले रास्ते की तीन लेन को खोला जा रहा है। किसानों के आह्वान के बाद ही पुलिस ने यह कदम उठाया है। लोगों को हो रही परेशानी के चलते कई दिनों से किसान प्रशासन से इस तरह को खोलने की मांग कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली सभी लेना अभी भी बंद हैं और यहां पर किसान धरने पर बैठे हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है।

किसानों से आहवान …

इस बीच, यूपी गेट पर रविवार को गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने सरकार को कड़ा संदेश दिया। कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार दिल्ली की सीमाओं पर चल रही किसान आंदोलन को समाप्त करने की तैयारी कर रही है।) ऐसे में भाकियू ने आंदोलनरत पर किसानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। पदाधिकारियों ने पश्चिमी यूपी और आसपास के जिलों के किसानों से 20 अप्रैल तक यूपी गेट बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया है।

गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार कई सरकारी संस्थाओं को बेचने में लगी है। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट -4 की सीईएल कर्मचारी संघ कई दिनों से सरकार की नीति का विरोध कर रहा है। इसमें भाकियू पदाधिकारियों ने कर्मचारी संघ को समर्थन देकर नीति का विरोध करने की भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अब कोरोना महामारी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आपदा को अवसर में बदलने की नीति पर सरकार बहुत सारी कंपनियों को बेच रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना की आड़ में किसान आंदोलन समाप्त करने की खेती की जा रही है। जिस तरह से हरियाणा के एक बड़े नेता ने ऑपरेशन क्लीन चलाने की बात कही उससे किसानों में है। लेकिन किसान इसको सफल नहीं होगा। लंबे समय से किसान सड़कों पर बैठे हैं। सरकार के साथ लगभग 11 दौर की बातचीत हुई। लेकिन हर बार सरकार ने सिर्फ किसानों के साथ मजाक किया।

जिद पर अड़े किसान …

किसानों का अब यह भी कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तब तक हम तब तक खड़े नहीं होते। किसानों का कहना है कि सरकार भले ही हमारा आंदोलन खत्म करने की योजना रच रही है लेकिन हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

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