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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘संशोधन कांड’ को लेकर उद्धव सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एंटीलिया केस में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। अनिल देशमुख के बचाव किए जाने को लेकर फडणवीस ने एनसीपी चीफड़े पवार पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शरद पवार ने देशमुख के पक्ष में जो प्रमाण दिखाए थे अब उन पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। फडणवीस ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वह आज दिल्ली में गृह सचिव से मामले की सीबीआई जांच किए जाने की मांग करेंगे।
पूर्व सीएम ने कहा कि एनसीपी चीफदेन पवार ने भले ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री और अपनी पार्टी के नेता अनिल देशमुख के आरक्षण में सोमवार को अस्पताल का पर्चा दिखाया था, लेकिन उनके इस ‘प्रमाण’ पर ही सवाल उठने लगे हैं। पहले तो अनिल देशमुख के 15 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस की बात सामने आई थी, लेकिन इस पर खुद होम मिनिस्टर ने सामने आकर कहा था कि मैंने अस्पताल से निकलकर बात की थी। लेकिन विवाद यह नहीं थमा और उनका एयर टिकट वायरल होने लगा, जिसके मुताबिक उन्होंने नागपुर से मुंबई का सफर ऑनलाइन प्लेन से किया था। अब बीजेपी के लीडर देवेंद्र फडणवीस ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और शरद पवार पर भी निशाना साधा है। देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि ऑनलाइन प्लेन से अनिल देशमुख ने नागपुर से मुंबई का सफर 15 फरवरी को किया था।
इसके अलावा अनिल देशमुख 16 से 27 फरवरी के दौरान होम आइसोलेशन में भी नहीं थे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेरे पास पेन ड्राइव में पूरा डेटा भी है, जो 3.6 जीबी का है। देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि वह पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग करेंगे और इस संबंध में दिल्ली जाकर गृह सचिव से मुलाकात करेंगे।
वीआईपी मूवमेंट के पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अनिल देशमुख 17 फरवरी को सह्याद्री गेस्ट हाउस गए थे और 24 फरवरी को मंत्रालय गए थे। वह 15-27 फरवरी से घर से बाहर थे, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हुई। मुझे लगता है कि पवार साहब को ठीक से ब्रीफ नहीं किया गया pic.twitter.com/gX6TmuO6pZ
– एएनआई (@ANI) 23 मार्च, 2021
हालांकि, फडणवीस ने शरद पवार पर सीधे तौर पर निशाना नहीं साधा, लेकिन कहा कि एनसीपी की ओर से उन्हें गलत जानकारी दी गई थी और उनके मुंह से गलत बातें करवाई गईं। उन्होंने बताया, ‘पुलिस के पास मौजूद विवरण मूवमेंट के रिकॉर्ड के मुताबिक अनिल देशमुख 17 फरवरी को शायद हरि पूर्वानुमान हाउस गए थे और 24 फरवरी को मंत्रालय। वह 15 से 27 फरवरी तक होम क्वॉरंटीन में थे और अधिकारियों से मुलाकात की गई थी। मुझे लगता है कि पवार साहब को गलत जानकारी दी गई है। ‘
इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में कुछ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का नाम सामने आया है। इसलिए पूरे मामले की जानकारी सीबीआई से ही की जानी चाहिए।
आरपीआई नेता रामदा आठवले ने भी की सीबीआई जांच की मांग
आरपीआई के नेता रामदास आठवले ने भी सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि शरद पवार को तुरंत ही देशमुख का इस्तीफा लेना चाहिए। उद्धव ठाकरे को इस तरह के होम मिनिस्टर को अपनी कैलकुलेटर में नहीं रखना चाहिए।
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