कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते केंद्र ने रविवार को कहा कि वर्तमान बुनियादी ढांचा शायद इससे निपटने में नाकाफी साबित हो सकता है। ऐसे में केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि वे स्थानीय स्तर पर उच्च संक्रमण दर या बिस्तर की अधिक आवश्यकता वाले स्थानों की पहचान करें और 14 दिनों के लिए स्थानीय हस्तक्षेप उपाय अपनाएं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्थानीय हस्तक्षेप उपाय में प्राथमिक स्तर पर लोगों को घुलने-मिलने से रोकने के साथ ही तीन रणनीतिक क्षेत्रों में हस्तक्षेप करें, जिसमें हस्तक्षेप, नैदानिक प्रबंधन और सामुदायिक मेल-मिलाप से रोकना शामिल है।
पिछले कुछ दिनों में बहुत अधिक संख्या में सामने आ रहे संक्रमण के नए मामलों का हवाला देते हुए केंद्र ने कहा है कि हालात को तेज करने के लिए राज्यों को तत्काल सख्त को विभाजित -19 प्रबंधन और हस्तक्षेप उपायों पर विचार करने की आवश्यकता है। इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखा है।
बता दें कि भारत में दिल्ली सहित कोरोनावायरस से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में चिकित्सीय सुविधाओं के गंभीर अभाव के बीच को विभाजित -19 के एक दिन में रिकॉर्ड 3,49,691 नए मामले सामने आए और 2,767 और लोगों की मौत हो गई। इसी प्रकार, केंद्र सरकार ने तरल ऑक्सीजन के गैर-चिकित्सीय उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी और उत्पादन इकाइयों को उत्पादन बढ़ाने और चिकित्सा में के लिए इसे सरकार को उपलब्ध कराने को कहा। सरकार ने कहा कि 551 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
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