कोरोना संक्रमण भारत सहित दुनिया के देशों में बेकाबू तूफान के साथ बढ़ रहा है। हालाँकि, इसके प्रसार की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर लगभग-लगभग सभी देशों में व्यापक स्तर पर वैक्सनेशन शुरू किया जा चुका है। इस बीच अमेरिकी दवा निमार्ता कपनी फाइजर के सीईओ ने अल्बर्ट बौर्ला ने कहा कि कोरोना के पूरी डोज लेने के साल भर के अंदर तीसरे बार फाइजर-बायोएनटेक की कोविड -19 का केक लेने की जरूरत पड़ सकती है।
बौर्ला ने गुरुवार को कहा कि संभवत: ऐसा हो सकता है कि लोगों को कोरोना की वैक्सीन हर साल लेने की जरूरत पड़े। उन्होंने सीएनबीसी के साथ बात करते हुए कहा- हमें यह देखना होगा कि आगे कब तक कि आगे क्या होगा और यह हमें कब तक करने की जरूरत पड़ सकती है। यह देखने वाली बात होगी।
उन्होंने कहा- एक परिदृश्य ये बन सकता है कि छह से 12 महीने के बीच तीसरे वैक्सीन डोज की जरूरत पड़े और उसके बाद हर साल दोराबा वैक्सीनेशन करना पड़े। लेकिन इन सभी चीजों की पुष्टि अभी बाकी है। इसके अलावा, फिर से वैरिएंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
गौरतलब है कि फ़जर ने इससे पहले कहा था कि उसकी कोविड -19 वैक्सीन 91 प्रति कोरोनावायरस संक्रमण के खिलाफ प्रभावी है और वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद गंभीर बीमीरियों के मामले में यह 95 प्रतिशत तक प्रभावी है। यह आंकड़ा 12 हजार प्रतिभागियों पर किए गए परीक्षण के बाद सामने आया है।
इससे पहले जॉनसन और जॉनसन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्स गोर्सकी ने फरवरी में बताया था कि लोगों को को विभाजित -19 के खिलाफ सालाना टीकाकरण की आवश्यकता हो सकती है, ठीक उसी तरह जैसे मौसमी फ्लू की वैक्सीन। शोधकर्ता अभी भी नहीं जानते हैं कि पूरी तरह वैक्सीन के डोज लगवा लेने के बावजूद वायरस के खिलाफ सुरक्षा कब तक रहती है।
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