<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> इंदौर जिला प्रशासन ने कोविद -19 मामलों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच 30 अप्रैल तक शादियों की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा, "वर्तमान में शादी समारोह के आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि कोरोना संक्रमण का विस्तार अपने चरम पर है। लोगों से अनुरोध है कि वे अपने घर परिवारों में होने वाले विवाह-विवाह के आयोजनों को स्थगित करें और 30 अप्रैल तक घर में ही रहें।" p>
दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर NSA के तहत कार्रवाई strong> p>
प्रशासन का मानना है कि इससे कोविड संक्रमण के लगातार बढ़ रहे आंकड़ों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकेगी, क्योंकि शहर के अस्पताल अब मरीजों से पूरी तरह से भर चुके हैं और अस्पतालों की क्षमता अब पूरी तरह से हो चुकी है। कलेक्टर ने स्वीकार किया है कि कोरोनाटे रोगियों के जाने वाले रेमडिसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी की शिकायतें आ रही हैं। इस तरह की आवश्यक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रकरण कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि कालाबाजारी के आरोप में पकड़े गए दो लोगों को एनएसए यानि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तरह आरोपित किया गया है। कालासरारी करने वाला कोई अस्पताल नहीं या फिर दुकानदार किसी को भी बक्शा नहीं होगा। p>
ऑक्सीजन बेड की वृद्धि हो रही है मांग strong> p>
को विभाजित संक्रमण के बिगड़ते हालात के बीच अस्पताल में ऑक्सीजन बिस्तर की मांग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। कई राज्य आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति में कमी की शिकायत कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में स्थिति बेहद खराब है। रोजाना नए रोगियों की संख्या 2 लाख से ज्यादा आ रही है। इंदौर मध्य प्रदेश का सबसे ज्यादा इलाका शहर बन गया है। इंदौर के अलावा राजधानी भोपाल और ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों से आने वाली खबरें भी अच्छी नहीं हैं। मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों ने कोरोना की दहशत को और बढ़ा दिया है। p>
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