योगी सरकार ने कोरोना पीड़ित निजी क्षेत्र के कामगारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। औद्योगिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और दुकानों के कामगारों के कोरोना से पीड़ित होने पर इलाज कराने या आइसोलेशन में रखे जाने पर उन्हें 28 दिन का वेतन सहित अवकाश उनके नियोजकों को देना होगा। श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव सुरेश चन्द्रा ने इस बारे में सभी मण्डलायुक्तों, सभी जिला प्राधिकरणों और श्रम आयुक्त को निर्देश जारी किए हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में इस श्रेणी में 20 लाख से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं।
निर्देश में कहा गया है कि ऐसा भुगतान युक्त अवकाश केवल तब ट्रैन होगा, जब ऐसे कर्मकार या कर्मचारी स्वस्थ होने के बाद अपने नियोजक या दस्तावेजी व्यक्ति को चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे। अपर मुख्य सचिव श्रम ने यह भी कहा है कि इस तरह की दुकानों, वाणिज्यिक घरों और दुकानों जो राज्य सरकार या जिला अधिकारी के आदेशों से अस्थायी तौर पर बंद हैं, के कर्मचारियों और कामगारों को ऐसी अस्थायी बंदी अवधि के लिए उनके नियोजकों द्वारा मजदूरी सहित अवकाश प्रदान करते हैं। हो जाएगा।
ऐसे सभी दुकानों, वाणिज्यिक परिसरों, जहां 10 या उससे अधिक कर्मकार कार्यक्षेत्र हों, को अपने गेहनों के सूचना पट्ट और मुख्य द्वार पर को विभाजित -19 की रोकथाम के लिए केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए सुरक्षा उपायों को भी प्रदर्शित करना होगा।
।
