<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नई दिल्ली: strong> देश में कोरोना महामारी के कारण बिगड़े हालत और स्वास्थ्य व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई दोपहर बारह बजे के करीब होगी। इस परीक्षण के दौरान राज्य सरकार भी अपनी तैयारियों की जानकारी सुप्रीम कोर्ट में रखेगी। देश भर में ऑक्सीजन की कमी और कई अन्य अव्यवस्थाओं के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक स्पष्ट राष्ट्रीय योजना की जरूरत बताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं के उत्पादन और वितरण की विस्तृत जानकारी कोर्ट में दें। इसके अलावा कोर्ट कई अन्य मुद्दों पर रिपोर्ट सौंपने को कह सकता है। p>
कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक मई से शुरू होने वाले कोरोनाईकरण अभियान में वैक्सीन की कमी न होने दी गई है। p>
दिल्ली हाईकोर्ट में भी परीक्षण strong> p>
आज दिल्ली हाईकोर्ट में भी दिल्ली के अंदर कोरोना से खराब हुई स्थिति, बेड की कमी, ऑक्सीजन की कमी और आवश्यक दवाइयों की कमी जैसे अन्य मुद्दों पर परीक्षण जारी रहेगा। p>
आज होने वाली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार कोर्ट को बताएगी कि जब दिल्ली ने 700 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग की थी तो आखिर उसे महज 490 मिट्रिक टन किस आधार पर दिया गया था। p>
रेमडेसिबिर को लेकर पोर्टल बनाने पर भी बात होगी strong> p>
ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट केंद्र सरकार से कई अन्य सवाल भी पूछ सकती है। साथ ही परीक्षण के दौरान आज रेमेडीसीबीर इंजेक्शन को लेकर पोर्टल बनाने के सरकार के फैसले पर भी कोर्ट को जानकारी दी जाएगी। p>
इससे पहले गुरुवार को परीक्षण के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वह पोर्टल बनाने वाली कंपनी एनआईसी को अपना सुझाव दे सकती है जिससे कि जल्द से जल्द इस पोर्टल को शुरू किया जा सके। p>
कोरोनायरस: विदेशों से आ रही सहायता सामग्री की जरूरतें तक पहुंचाने का कामिद एक्शन प्लान strong> p> है।
