अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि आज, मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बात की और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आपातकालीन सहायता और संसाधन प्रदान करने के लिए अमेरिका की तरफ से पूरी मदद का वादा किया। भारत ने हमारी मदद की है और हम उनकी करेंगे।
आज, मैंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बात की और COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में आपातकालीन सहायता और संसाधन प्रदान करने के लिए अमेरिका के पूर्ण समर्थन का वादा किया। भारत हमारे लिए वहां था, और हम उनके लिए वहां रहेंगे: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन (फाइल फोटो) pic.twitter.com/0yIxOLmPcv
– एएनआई (@ANI) 26 अप्रैल, 2021
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन को बताया कि कोवैक्स और क्वड वैक्सीन इनिशियन के जरिए भारत के अन्य देशों को भी कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध करवा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के बीच ये भी तय हुआ कि कोरोना संकट से निपटने के लिए दोनों नेता लगातार एक-दूसरे के साथ रहेंगे।
पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को स्वतंत्र देशों के लिए टीकों और दवाओं की त्वरित और सस्ती पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ट्रिप्स समझौते के उल्लंघनों में छूट के लिए डब्ल्यूटीओ में भारत की पहल के बारे में भी जानकारी दी।
के साथ एक फलदायक बातचीत हुई @ नोट @जो बिडेन आज। हमने दोनों देशों में विकसित COVID स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। मैंने भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रदान किए जा रहे समर्थन के लिए राष्ट्रपति बिडेन को धन्यवाद दिया।
– नरेंद्र मोदी (@narendramodi) 26 अप्रैल, 2021
व्हिट हाउस प्रक्तक जेन साइकी ने कहा कि हमने पिछले कुछ दिनों में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं ताकि भारत की तात्कालिक जरूरतों को पूरा किया जा सके और पीएम और राष्ट्रपति सहित हर स्तर पर उनके साथ संपर्क में रहे। मैं आश्वासन दे सकता हूं कि हम उनकी सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हमने उनकी (भारत) तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पिछले कुछ दिनों में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और पीएम और राष्ट्रपति संचार सहित हर स्तर पर उनके साथ निकट संपर्क में हैं। मैं आश्वासन दे सकता हूं, हमें उनकी सहायता के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए: व्हाइट हाउस स्पोक्स, जेन साइकी pic.twitter.com/FFlVSL0Czs
– एएनआई (@ANI) 26 अप्रैल, 2021
बता दें कि इससे पहले रविवार को एनएसए अजीत डोवाल ने अमेरिका के एनएसए जेक सुलिवन से बात की थी। जिसके बाद अमेरिका भारत को वैक्सीन के लिए कच्चे माल के निर्यात पर रोक को हटाने को राजी हो गया और जल्द ही जल्द ही इसे उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया।
गौरतलब है कि दोनों देशों की 70 साल से अधिक की स्वास्थ्य साझेदारी है। जिसके तहत पोलियो अभियान, एचआईवी, स्मॉल पॉक्स के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई। अब दोनों देश वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के खिलाफ भी साथ लड़ाई जारी रखेंगे। कोरोना महामारी की शुरुआत में भारत ने अमेरिका के अस्पतालों के लिए मदद भेजी थी अब अमेरिका ने भी भारत के मुश्किल हालात में मदद करने के लिए दृढ़ता दिखाई है।
कोविशील्ड वैक्सीन के लिए अनिश्चित माल उपलब्ध करवाएगा अमेरिका
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के अनुसार, अमेरिका ने भारत में कोविशील्ड वैक्सीन के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की पहचान कर ली है जिसे तुरंत भारत को उपलब्ध कराए जाएंगे।
एयरलाइन वर्कर्स को भी दी जाएगी मदद
भारत में साइलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को बचाने और कोरोना रोगियों के इलाज के लिए आवश्यक वेंटिलेटर्स, पीपीई किट्स, रेपिड डायगनॉस्टिक टेस्ट किट्स आदि भी तुरंत मुहैया करवाई जाएगी। साथ ही अमेरिका भारत को तुरंत ऑक्सीजन जेनरेशन और उससे जुड़ी सप्लाई को देने के लिए विकल्पों पर काम कर रहा है।
एस जयशंकर ब्रिटेन के अपने समकक्ष डोमिनिक राब से की बातचीत
कोरोनावायरस बीमारी से तुलना में ब्रिटेन द्वारा भारत का सहयोग करने की घोषणा के एक दिन बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को ब्रिटेन के अपने समकक्ष डोमिनिक राब से बात की और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और विदेश मंत्री राब ने भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय एजेंडा में प्रगति की समीक्षा की।
ब्रिटेन ने कोविद -19 से तुलना में मदद के लिए भारत को 600 महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपकरण भेजने की रविवार को घोषणा की थी। जयशंकर ने ट्वीट किया, ” ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब से आज बातचीत हुई। कोविद -19 संबंधित चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग पर चर्चा हुई। भारत में कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर चल रही है और कई शहरों में अस्पतालों में चिकित्सीय ऑक्सीजन और बिस्तरों की कमी हो गई है।
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