Home Covid-19 कोरोना संकट: पीएम मोदी-जो बाइडन के बीच फोन पर करीब 35 हुई बात, दूसरी लहर से निपटने के प्रयासों पर हुई चर्चा
कोरोना संकट: पीएम मोदी-जो बाइडन के बीच फोन पर करीब 35 हुई बात, दूसरी लहर से निपटने के प्रयासों पर हुई चर्चा

कोरोना संकट: पीएम मोदी-जो बाइडन के बीच फोन पर करीब 35 हुई बात, दूसरी लहर से निपटने के प्रयासों पर हुई चर्चा

by Sneha Shukla

<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच सोमवार शाम हुई फोन बातचीत में भारत व अमेरिका के मौजूदा कोरोना संकट और इससे निपटने के लिए आपसी सहयोग को लेकर बातचीत हुई। लगभग आधे घंटे की इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि कोरोना टीकर के लिए कच्चे माल की आपूर्ति आबढ़ रहना चाहिए। & nbsp;

लगभग आधे घण्टे से अधिक समय तक इस फोन कॉल में दोनों प्रमुखों ने भारत में कोरोना की दूसरी लहर से सामना करने के लिए जा रहे प्रयासों पर भी बात की। टीकाकरण, दवाओं और स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति बाइडन को अमेरिका से मिली सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। वहाँ दोनों प्रमुखों ने कोविद 19 के खिलाफ आपसी वैक्सीन सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

इस फोन कॉल के बाद व्हॉट हाउस से जारी प्रेस स्टेटमेंट में कहा गया कि भारत में को विभाजित -19 मामलों से अनंत लोगों के साथ अमेरिका पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। अमेरिका भारत को सहायता के तौर पर ऑक्सीजन संबंधी उपकरण वैक्सीन सामग्री और दवाओं इत्यादि मुहैया करा रही है।
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ध्यान रहे कि इससे पहले भारत और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच हुई बातचीत के बाद अमेरिका ने कोविशील्ड वैक्सीन की रॉ मैटेरियल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध स्रोतों की पहचान कर मदद का भरोसा दिया था। साथ ही अमेरिकी रक्षा विभाग ने भारत-पाक आवश्यक साजो सामान पहुंचाने के लिए अपने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक तंत्र के इस्तेमाल का भी एलान किया है।

भारत और अमेरिका के नेताओं की फोन वार्ता के बाद जारी प्रेस वार्ता में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने कोरोना महामारी से बातचीत के लिए आपसी साझेदारी को महत्वपूर्ण करार दिया। दोनों नेताओं ने अपने संबंधित अधिकारियों को आपस में तालमेल कर साझा प्रयास आगे बढ़ाने के भी निर्देश दिए। पीएम मोदी ने कोरोनाशन के प्रयासों में दवाओं और चिकित्सा सामग्री की निरंतर आपूर्ति के साथ ही विश्व व्यापार संगठन के बौद्धिक सम्पदा संबंधीधी ट्रिप्स प्रावधानों में भी रियायत का अनुरोध किया ताकि टीएसी की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ फोन कॉल में भारतीय वैक्सीन निर्माताओं के लिए कच्चे माल की आपूर्ति के मामले में। लेकिन इस अनुरोध की अहमियत केवल भारत क़ी ज़रूरतों के लिहाज से ही नहीं है। बल्कि इसके महत्व का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि भारत में घरेलू मांग बढ़ने और अमेरिका की तरफ से कच्चे माल की आपूर्ति में लगाए गए नियंत्रण के परिणामस्वरूप टीकों की तंगी विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी झेलनी पड़ी है। & nbsp; <पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी माना कि भारत के वैक्सीन निर्माताओं की आपूर्ति क्षमता प्रभावित होने का असर उसके कोवैक्स जैसे कार्यक्रम पर भी पड़ा है जिसमें गरीब व कमज़ोर मुल्कों को टीके मुहैया कराए जाते हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसका कोविक्स कार्यक्रम बीते कुछ हफ्तों के दौरान निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रहा है और वैक्सीन उपलब्धता की किल्लत से जूझ रहा है।

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