<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नई दिल्ली strong> : strong> देश में जानलेवा कोरोनावायरस की दूसरी लहर प्रकोप ढहा रही है। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी से मरीज पास दर भटक रहे हैं। राजधानी दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी है। इस बीच छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से ऑक्सीजन टैंकरों के साथ एक ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन दिल्ली कैंट पहुंच गई है, जिसके बाद अब दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की स्पलाई होगी। p>
लगातार रायगढ़ से सप्लाई हो रही है ऑक्सीजन strong> p>
गौरतलब है कि राजगढ़ से दिल्ली और गुरुग्राम में लगातार ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है। इससे पहले रविवार को जेएसपीएल के रायगढ़ संयंत्र से आक्सीजन टेंकर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। जेएसपीएल के चेयरमैन नव जिंदल ने कहा है कि जेएसपीएल के आक्सीजन कारखाने में टेंकरों को तरल चिकित्सा आक्सीजन से भरा जा रहा है और देश के विभिन्न भागों में भेजा जा रहा है। p>[पीशैली=।"पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> देश के स्टील प्लांटों से हो रही है ऑक्सीजन की सप्लाई strong> p>
सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के स्टील प्लांट से देश में ऑक्सीजन की कमी दूर हो रही है। इन प्लांटों से 25 अप्रैल तक विभिन्न राज्यों को 3131.84 मिलियन टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई। 24 अप्रैल को 2894 टन और आक्सीजन की आपूर्ति की गई थी। एक सप्ताह पहले औसतन 1500 से 1700 टन टन प्रति दिन भेजा जा रहा था। p>
वहीं, ऑक्सीजन के परिवहन को तेज करने के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से निर्देश दिया गया है। इसमें ऑक्सीजन भेजने के लिए निश्चित संख्या में नाइट्रोजन और आर्गन टैंकरों को संशोधित करने के लिए कहा गया है। p>
