वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
द्वारा प्रकाशित: जीत कुमार
Updated Mon, 26 Apr 2021 12:40 AM IST
सार
जांच एजेंसी एनएबी ने अपनी जांच में सौ करोड़ पाकिस्तानी रुपये (लगभग साठ करोड़ भारतीय रुपये) का प्रकाशक का खुलासा किया है। अभी इस अमेरिकी की राशि बढ़ने का अनुमान है।
सीपेक-ग्वादर बंदरगाह
– फोटो: प्रतीकात्मक चित्र
ख़बर सुनना
विस्तार
मीडिया खबरों के मुताबिक, जांच एजेंसी राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने ग्वादर पोर्ट सिटी में समुद्री पानी को शुद्ध पीने के पानी बनाने की योजना में भ्रष्टाचार उजागर किया है। जांच एजेंसी एनएबी ने अपनी जांच में सौ करोड़ पाकिस्तानी रुपये के लगभग साठ करोड़ भारतीय रुपये का रिकॉर्ड का खुलासा किया है। अभी इस अमेरिकी की राशि बढ़ने का अनुमान है।
जांच प्रक्रिया अभी चल रही है। साथ ही पाकिस्तान की जांच एजेंसी मामले की तह में जा रही है। यह मामला पाकिस्तान में तूल पकड़ रहा है। हालांकि, इस लेख के उजागर होने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कोई बयान नहीं आया है।
बलूचिस्तान विकास अथॉरिटी के तीन पूर्व चेयरमैन व अन्य के खिलाफ जांच शुरू
एनएबी ने इस संबंध में बलूचिस्तान विकास अथॉरिटी के तीन पूर्व चेयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा पांच तहसीलदारों सहित 15 अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यहां पर जमीनों के आवंटन में भी भ्रष्टाचार किया गया है। जिसमें 844 एकड़ जमीन अवैध तरीके से प्राथमिक लोगों को आवंटित कर दी गई। आवंटित भूमि की कीमत अरबों में बताई गई है। अभी भी जांच चल रही है, पूरी तरह से भ्रष्टाचार सामने आने में समय लगेगा।
भारत भी करता है इस गलियारे का विरोध है
गोस्मर पोर्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीआईसी) का हिस्सा है। सीपीआईसी ड्रैगन का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट है। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चीन जैसे विवादित क्षेत्रों से होकर गुजरता है। भारत इस परियोजना का विरोध करता है, क्योंकि यह पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरता है। यह हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चीन के काशगर प्रांत को पाकिस्तान के गोइस्सर पोर्ट से स्थित हैं।
।
