चीन के केंद्र फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने स्वीकार किया है कि चीनी को विभाजित -19 वैक्सीन में ‘सुरक्षा देने का दर बहुत ज्यादा नहीं है’ और सुधार की जरूरत हो सकती है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन की सरकार पहले ही डोज का सैकड़ों मीलियन अन्य मुल्कों को पास कर चुकी है। हालांकि, टीकाकरण को सवालों के घेरे में रखा गया है कि क्यों चीनी दवा कंपनियों ने वैक्सीन के असर पर विस्तृत मानव परीक्षण का डेटा नहीं किया है। ऐसे में सरकार की स्वीकृति ने वैक्सीन के डोज पर उसे आंतरिक विश्वसनीयता को सख्ती से लगा दिया है।
पहली बार चीन ने माना कि विभाजित -19 वैक्सीन बहुत अधिक प्रभावी नहीं है
सीडीसी डायरेक्टर ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देशव्यापी रूप से विभिन्न वैक्सीन का इस्तेमाल करते हुए टीकाकरण पर विचार कर रहा है। उपलब्ध डेटा दिखाते हैं कि फ़जर और मोडर्ना की वैक्सीन के मुकाबले चीनी वैक्सीन का असर कम है लेकिन सुरक्षित रखने के लिए बहुत कम तापमान की जरूरत नहीं होती है। गऊ फू ने बताया कि डोज की तादाद और डोज के बीच समय अवधि में बदलाव सहित वैक्सीन की ‘प्रक्रिया’ को अनुकूल करने के प्रभाव के मुद्दों का ठीक ‘हल’ है।
चीन ने विकासशील देशों में अपने सहयोगियों और व्यापार साझेदारों को आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध किया है और and से कहा है इंडोनेशिया, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात सहित वैश्विक प्रमुखों ने वैक्सीन ली है। लेकिन इस बात के संकेत हैं कि कुछ देशों को संदेह है। संयुक्त अरब एम्स्टर्डम ने हाल ही में चीन की सिनोफार्म वैक्सीन को दो डोज उठकर तीन डोज करने का फैसला किया है। उन्होंने ये कदम कुछ लोगों में कम एंट बॉडीज बनने की खबर पर उठाया। जबकि सिंगापुर ने जखीरा इकट्ठा करने के बावजूद सिनोवाक के डोज का इस्तेमाल नहीं किया है।
विभिन्न वैक्सीन का इस्तेमाल करते हुए टीकाकरण पर विचार किया जा रहा है
चीन ने आम लोगों के इस्तेमाल की खातिर स्वीकृत चार देसी वैक्सीन को विकसित किया है और शनिवार को एक अधिकारी ने बताया कि देश वर्ष के अंत तक 3 अरब डोज बना सकेगा। सिनोवाक की विकसित कोविड -19 वैक्सीन को जेन में किए गए मानव परीक्षण के दौरान 50 फीसद से थोड़ा ज्यादा असरदार पाया गया था। जबकि तुर्की में होनेवाले एक अलग मानव परीक्षण के दौरान प्रभावी पास 83.5 फीसद था। सिनोफार्म की बनाई वैक्सीन पर विस्तृत प्रभावी डेटा जारी नहीं किया गया है। अंतरिम नतीजों के आधार पर दो वैक्सीन को 79.4 फीसद और 72.5 फीसद प्रभावी पाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक पैनल ने मार्च में कहा था कि वैक्सीन निर्माताओं ने अपनी कोविड -19 वैक्सीन पर डेटा जमा कराया है और उनका प्रभावी पास संगठन के निर्धारित मानक से मिलता जुलता है।
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