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Assam Election 2021: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार, कहा- 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह नहीं जो 24 घंटे सातों दिन झूठ बोलते हैं'

‘चुनावी हार तय देख विरोधियों के यहां छापेमारी कराना BJP का बड़ा हथियार’, तमिलनाडु में IT-raids पर बोले राहुल

by Sneha Shukla

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डीएमके चीफ एमके स्टालिन के दामाद के घर शुक्रवार को शिशु अधिकारियों ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई TN में होने वाले विधानसभा चुनाव से महज चार दिन पहले की गई है। छापेमारी सुबह करीब 8 बजे चेन्नई में सबरीसन और उनके सहयोगियों के स्वामित्व वाली जगहों पर की गई। डीएमके ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कहा कि यह शिशु विभाग की ओर से ‘अधिकार का दुरुपयोग’ करार दिया गया है।

राहुल गांधी का भाजपा पर निशाना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चुनावी हार तय देखकर विरोधियों के यहां छापेमारी करवाना भाजपा का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब द्रमुक ने कहा है कि पार्टी प्रमुख एम के स्टालिन की बेटी सेंथुराई के चेन्नई स्थित आवास पर भौगोलिक अधिकारियों द्वारा ‘तलाशी’ ली गई और यह कार्रवाई ‘राजनीतिक उद्देश्य’ से प्रेरित है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ” चुनावी हार आसन्न देखकर विरोधियों के यहां छापेमारी करवाना बीजेपी का बड़ा हथियार है। ”

डीएमके ने कहा- राजनीतिक उद्देश्य से छापे जाते हैं

पार्टी के महासचिव दुरईमुरुगन ने कहा कि ऐसे समय में जब पार्टी चुनाव प्रचार पूरा करने के चरण में है और मतदान का रास्ता देख रही है तो शिशु अधिकारियों ने पार्टी प्रमुख स्टालिन की बेटी सेंथुराई के आवास पर ‘राजनीतिक उद्देश्य’ से तलाशी ली है। यहां संवाददाताओं से बातचीत में दुरईमुरुनग ने दावा किया कि केंद्र ने वास्तव में ‘गलत धारणा’ बनाई है कि चुनाव से ठीक पहले तलाशी से स्टालिन, उनका परिवार और पार्टी स्तब्ध रह जाएगी और चुनाव की तैयारियों कमजोर पड़ने लगेगी। उन्होंने कहा, ” द्रमुक ऐसी पार्टी नहीं है, जिसे तलाशी से डराया जा सके। ”

चुनाव से चार दिन पहले आईटी छापे हुए

उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले भी ऐसी घटनाओं को देखा है और वह इससे प्रभावित नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि हाल में पार्टी नेता ए वी वेलु से जुड़े परिसरों में शिशु विभाग ने तलाशी ली थी और अब सेंथुराई के आवास की तलाशी हुई है। केंद्र सरकार का इस तरह का चाल चलना न तो ‘लोकतांत्रिक है और न ही ईमानदार राजनीति’ है और वह इस कदम की निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर पार्टी इस तरह की तलाशी से डरती है तो काफी पहले ही ‘खत्म’ हो गई है। इस तरह के कदमों से पार्टी अपने इरादे में और मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह सोचा होगा कि स्टालिन अपनी प्यारी बेटी को दुखी नहीं देख पाएंगे लेकिन द्रमुक अध्यक्ष ‘पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के नेता’ हैं और वह ‘बहादुर शेर’ हैं।

उनसे जब राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी अन्नाद्रमुक और अन्य पक्षों के नेताओं से जुड़े परिसरों में भी तलाशी लेने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि द्रमुक के लोगों के यहां छापेमारी उन्हें डराने के लिए की गई और बाकी अन्य – ढकोसला है।

ये भी पढ़ें: केरल चुनाव 2021: सीएए को लेकर कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना, सीएम बोले-धर्मनिरपेक्षता के साथ समझौता नहीं



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