देश में कोरोनावायरस से मचे तांडव के बीच चुनाव आयोग ने एक और फैसला लिया है। पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के लिए 2 मई को होने वाली मतगणना के दिन कोई भी प्रत्याशी अब कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के बिना मतगणना केंद्र के अंदर नहीं जा सकेगा। चुनाव आयोग के नए फैसले के मुताबिक, अगर कोई प्रत्याशी को मतगणना केंद्र के अंदर जाना है तो या तो वैक्सीन की दोनों खुराकें ली हो या फिर उसके पास कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट हो। यह रिपोर्ट भी 48 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने मंगलवार को विजय जुलुस पर रोक लगाई थी।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को आदेश जारी किया है कि 2 मई को मतगणना के दौरान या बाद में विजय जुलुस निकालने पर पाबंदी रहेगी।
चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के लिए अनिवार्य आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट या पूर्ण टीकाकरण रिपोर्ट दिखाने के लिए मतगणना केंद्रों में प्रवेश करना अनिवार्य कर दिया है pic.twitter.com/RtMfAhgi76
– एएनआई (@ANI) 28 अप्रैल, 2021
नए आदेश के मुताबिक, अब प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को मतगणना का केंद्र में जाने के लिए निगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी। यह रिपोर्ट 48 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं हो सकती है। हालांकि, जिन लोगों कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें ले ली हैं, उन्हें रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी।
इससे पहले सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट ने कोरोना केसों में तेजी से इजाफे के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया था। उच्च न्यायालय ने कहा कि कोरोना केसों में तेजी से इजाफे के लिए अकेले चुनाव आयोग जिम्मेदार है और इसके लिए उसके अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
बता दें कि TN, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के लिए 2 मई को एक साथ मतगणना होगी।
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