Home India छत्तीसगढ़: प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों के इलाज की दरें तय, सरकार ने कहा- नहीं माने तो कार्रवाई होगी
छत्तीसगढ़: प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों के इलाज की दरें तय, सरकार ने कहा- नहीं माने तो कार्रवाई होगी

छत्तीसगढ़: प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों के इलाज की दरें तय, सरकार ने कहा- नहीं माने तो कार्रवाई होगी

by Sneha Shukla

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी अस्पतालों में को विभाजित -19 रोगियों के इलाज के लिए नई वस्तुओं का निर्धारण किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 11 अप्रैल को अस्पताल संचालकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की नई योजनाओं का निर्धारण करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने आज संशोधित मदों को जारी किया है।

जानिए किस मरीज़ के लिए कितना पैसा देना होगा

विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार एनएबीएच (राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स) मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य स्थिति अलग-अलग रोगियों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें सपोर्टिव कैर आइसोलेशन बेड के साथ आक्सीजन और ग्लाइ किट का खर्च शामिल है।

गंभीर स्थिति वाले रोगियों के उपचार के लिए रोजाना 12 हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें बगैर वेंटिलेटर के आईसीयू सुविधा शामिल है। अति गंभीर रोगियों के इलाज के लिए 17 हजार रुपये प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। इसमें वेंटिलेटर के साथ आईसीयू सुविधा शामिल है। वहीं एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के लिए प्राथमिक, गंभीर और गंभीर गंभीर रोगियों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रुपये, दस हजार रुपये और 14 हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। निजी अस्पतालों में कोविड -19 के इलाज में होने वाले व्यय रोगी को स्वयं उपचार करना होगा।

निर्धारित दरों में कौन-कौन से खर्च शामिल हैं

राज्य शासन द्वारा निजी अस्पतालों में इलाज के लिए निर्धारित प्रति दिन के शुल्क में पंजीयन शुल्क, बिस्तर, नर्सिंग और बोर्डिंग चार्ज, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, डॉ और सलाहकार की फीस, एनेस्थेशिया, ब्लड-ट्रांसफ्यूजन, आक्सीजन, ओ.टी. चार्जेज, सर्जिकल उपकरणों का शुल्क, दवाई और ड्रग, रोगी के भोजन, प्रोस्थेटिक डिवाइस और इम्पेटेंट्स का खर्च शामिल है।

मेडिकल प्रोसिजर, बेसिक रेडियोलॉजिकल इमेजिंग और एक्स-रे, सोनोग्राफी, हिमेटॉलॉजी पैथोलॉजी जैसे रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी टेस्ट भी इनमें शामिल हैं। हाई-एंड रेडियोलॉजिकल डाइग्नोस्टिक, हाई-एंड हिस्टैथोलॉजी (बायोप्सीज) और एंडवाड सिरोलॉजी इन्वेस्टीगेशन्स पैकेज अलग से एड-ऑन पैकेज के रूप में उपलब्ध मेड जा सकता है।

इन जांचों को शामिल नहीं किया गया

शासन द्वारा निर्धारित दरों में कोविड -19 की जांच, हाई-एंड मेडिसीन्स, स्कैन स्कैन और एमआरआई जैसे हाई-एंड डायग्नोस्टिक टेस्ट और कोविड -19 मरीज की अन्य गंभीर बीमारियों (कोमोरिडिटी) के उपचार के लिए किए जाने वाले प्रोसिजर शामिल नहीं है। अस्पताल डेड-बॉडी के स्टोरेज और परिवहन के लिए अधिकतम ढाई हजार रुपये ले जाएगा।

कोरोना रोगियों के इलाज के दौरान राज्य शासन के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग और आईसीएमआर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। उनके उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य शासन द्वारा निजी अस्पतालों में कोरोना शरीनों के इलाज के लिए आदेश एपेडेमिक डिसीज एक्ट -1897 और छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट -1949 के तहत जारी किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन एपेडेमिक डिसीज एक्ट -1897 और छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट -1949 के तहत दंडनीय होगा।

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