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श्रीनगर: जम्मू कश्मीर पुलिस ने दक्षिण कश्मीर में बड़ी मात्रा में नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों का भंडार कब्ज़े में लिया है। दवाइयां ज़मीन के नीचे एक ख़ुफ़िया जगह पर छिप कर रखी गई थी। लगभग 1715 बोतल कोडीन फॉस्फेट नाम की दवाई को ज़ब्त किया गया है। घटना दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले की है।
मंगलवार शाम को अनंतनाग पुलिस ने बिजबेहरा के तुलखान इलाके में एक नाके के दौरान दो संदिग्ध लोगों, लतीफ़ शाह और कासिम शाह को हिरासत में लिया था और उनके पास से कोडीन फॉस्फेट नाम की नशीली दवाई की 15 बोतल बरामद की गई। हस्तक्षेप में इन दोनों ने तुलखान के रहने वाले अपने साथी के बारी में जानकारी दी, जो नशे के इस कारोबार का मुखिया था।
पुलिस ने तुरंत ही गुलाम हस्सन डार नाम के इस व्यक्ति के घर पर छापा मारा और बगीचे में ज़मीन के नीचे बने 7 फ़ीट के गड्डे से भारी मात्रा में कोडीन फॉस्फेट की बोतलें बरामद की। ज़मीन के नीचे थैलों में छिपे हुए 1700 से ज्यादा बोतलें रखी हुई थीं। पुलिस के अनुसार कोडीन फॉस्फेट आमतौर पर खांसी के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाई है, जिसमें मॉर्फिन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए ये दवाई केवल डॉक्टर के प्रिस्किप चित्रों पर ही बेचीं जाती हैं।

लेकिन कुछ दवाई विक्रेता ब्लैक मार्केट में इस दवाई को खरीद रहे हैं और इसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। यह दवाई खास तौर पर नशे के आदि युवाओं में आम है, क्योंकि ना तो इसमें शराब की तरह बदबू आती है और ना ही ब्रुक शुगर या हेरोइन की तरह ज्यादा नशा होता है। इसीलिए यह दवाई कश्मीर में ड्रग के तौर पर बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है।
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