<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार को तेलंगाना को प्रायोगिक रूप से टीका पहुंचाने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। हालाँकि, यह प्रयोग दृश्यता सीमा तक केवल सीमित होगा। मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट नहीं किया है कि प्रायोगिक रूप से ड्रोन के जरिये कौन टीके को पहुंचाया है। p>
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मंत्रालय ने ट्विटर पर बताया कि उसने तेलंगाना सरकार को मानवरहित विमान प्रणाली (यूएएस) नियम -2021 में सशर्त छूट & lsquo; & lsquo; दृश्यता सीमा में प्रायोगिक रूप से ड्रोन का इस्तेमाल करेक पहुंचाने के लिए दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह छूट अगले एक साल या किसी अन्य आदेश तक ही दी गई है। p>
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उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने 22 अप्रैल को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को विभाजित -19 टीके को ड्रोन से पहुंचाने की व्यावहारिकता का अध्ययन करने की अनुमति दी थी। वहीं, तेलंगाना सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि & lsquo; मेडिसिन फ्रॉम स्काई & rsquo; (एमएफटीएस) कार्यक्रम को एक साल के लिए व्यावहारिक अध्ययन के तहत दृश्यता सीमा के दायरे में अनुमति मिल गई है। p>
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इसमें कहा गया है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के सहयोग और मागदर्शन के साथ इस तरह के परीक्षण के लिए आवश्यक अनुमोदन और छूट अंत: मिल गया है। तेलंगाना के प्रधान सचिव जयेश रंजन ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियोंिगियों का लाभ उठाने को प्रतिबद्ध है और ड्रोन का उपयोग करने के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य देखरेख तक पहुंच सुनिश्चित होगी। p>
