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उत्तराखंड में ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर ताज होटल में कोरोना के 76 मामले सामने आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कोरोना के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने होटल को तीन दिन के लिए बंद कर दिया है। होटल को पूरी तरह से सेनेटाइज किया जाएगा। कोरोना ट्रांस के मामले सामने आने के बाद होटल ने वर्तमान में पर्यटकों की बुकिंग बंद कर दी गई है। सूत्रों की मानें तो सभी कोरोनाचारी होटल के कर्मचारी हैं। गौरतलब है कि ताज होटल में कुछ दिन पहले कुछ लोगों के सैंपल लिए गए थे, इनमें से 25 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अन्य स्टाफ के भी सैंपल हेतु थे, जिनके बाद कर्मियों के वायरस की पुष्टि हो गई है। कोरोनात्मक स्टाफ को आइसोलेट किया जा रहा है। एसएसपी टिहरी तृप्ति भट्ट ने बताया कि होटल स्टाफ में कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद होटल को सेनेटाइज करने के लिए बंद किया गया है।
ऋषिकेश में होटल ताज को जिला प्रशासन ने तीन दिनों के लिए बंद कर दिया था, 76 लोगों के पाए जाने के बाद #COVID-19 वहां सकारात्मक होटल को पवित्र किया गया था और एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था: टिहरी गढ़वाल एसएसपी, तृप्ति भट्ट#उत्तराखंड
– एएनआई (@ANI) 29 मार्च, 2021
उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उत्तराखंड बॉर्डर आशारोड़ी चेकपोस्ट पर छत्तीसगढ़, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आने वालों की अनिवार्य जांच की गई है। दिल्ली सहित बाकी क्षेत्रों से आने वालों की रैंडम जांच भी हो रही है। सीएमओ डॉ। अनूप डिमरी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एक शिफ्ट में 80 से 90 और निजी अस्पतालों में तीन शिफ्ट में 600 से अधिक जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से देहरादून स्थित जौलीग्रांट टर्मिनल पर जांच बढ़ाई गई है। डॉ। उज्जवल त्यागी की अगुवाई में दो टीमें काम कर रही हैं। इनमें से एक स्वास्थ्य विभाग और एक निजी अस्पताल की टीम है। कई लोग जांच रिपोर्ट के बारे में आ रहे हैं। सुबह के समय फ्लाइट के लोगों की जांच स्वास्थ्य विभाग, जबकि दोपहर और शाम की फ्लाइटों से आने वालों की जांच निजी अस्पतालों की टीम कर रही है।
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