नई दिल्ली: strong> राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस के आंकड़े रिकॉर्ड टूटते हुए नज़र आ रहे हैं। इस सब के बीच ऑक्सीजन से लेकर एम्बुलेंस तक सबकी मांग बढ़ गई है, जिसे देखते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और टाई हैं। सी। या टर्निंग योर कंसर्न ईंटो एक्शन की मिली जुली पहल से दिल्ली के कोरोना मरीज़ों को निशुल्क ऑटो एम्बुलेंस सेवा प्राप्त होगी। p>
एम्बुलेंस की तरह इस ऑटो एम्बुलेंस में कोरोनाज़ोज़ की सहूलियत का सभी सामान मौजूद है। इस एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर भी मौजूद है, जो क्रिटिकल मरीज़ या जिनको ऑक्सीजन की आवश्यकता है उनके लिए है। ये सेवा विशेष रूप से इकोनोमिकली वीकर सेक्ष को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। जिन गलियों में एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती वहां औटो एम्बुलेंस पहुंचेगी। p>
धावकों के दौर में अभी भी 10 औक़ात ज़मीन पर उतरे हैं। दो दिन में 50 ऑटोस को ज़मीन पर कोरोना के जूज़ रहे मरीज़ो की सेवा में लगाया जाएगा। इस ऑटो में ऑक्सीजन के साथ सैनीटाइज़र, फर्स्ट एड किट और फेस भी दिया गया है। सभी औटो ड्राइवर्स पी। पी। ई किट पहन कर कर औटो चला रहें हैं। p>
ऑटो एम्बुलेंस के ड्राइवर राकेश बताते हैं के पहले हेल्प-लाइन नंबर पर मरीज़ों को फोन करना होता है जिसके बाद उन्हें वाट्सअप के ज़रिए लोकेशन और मरीज़ के नंबर मिल जाता है। । जिसके बाद वे मरीज़ को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीज़ों को ले जाने में भी उन्हें डर नहीं लगता। क्यूंकि जो देश के हालात हैं, एम्बुलेंस मिलने में भी मुश्किल आ रही है ऐसे में ऑटो एम्बुलेंस से लोगों को बर्फ़ी मदद मिलेगी। p>
मरीज़ को ऑटो में बैठाने से पहले और उतारने के बाद दो बार औटो सैनीट किए गए। जाता है। ये एम्बुलेंस सेवा निशुल्क है, ताकि निचले तबके को भी इस से मदद मिल जाए। ये ऑटो एम्बुलेंस सेवा के सांसद संजय सिंह और उनकी पत्नी अनीता सिंह ने शुरू की है और जल्द ही ऑटो एम्बुलेंस की संख्या को बढ़ाने का भी लक्ष्य है। & nbsp; p>
जरूरत पड़ने पर इस एम्बुलेंस सेवा – लोगों को तत्काल अस्पताल। पहुंच जाएगी। इसकी शुरुआत 10 ऑटो एम्बुलेंस से हुई है, जिसे दो दिन में 50 करने का लक्ष्य है। इस पहल की शुरुआत से कई लोगों को राहत मिलेगी, जिन गलियों में एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती उन सकरी गलियों में भी कोरोना के मरीज़ों के लिए पहुंचेगी ऑटो एम्बुलेंस। p>
