राजधानी दिल्ली में कोरोना का कहर एक बार फिर से डराने लगा है क्योंकि दिल्ली में लोगों में कोरोना संक्रमण की दर डबल डिजिट में पहुंच गई है। शनिवार को दिल्ली में 7,897 लोग को विभाजित -19 से निष्क्रिय हुए। इन 39 लोगों की मौत भी हुई। इस बीमारी के कारण अब तक दिल्ली में 11,235 लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन इससे भी चिंता की बात यह है कि दिल्ली में कोरोना से पीड़ित होने वालों की दर इस साल पहली बार 10 प्रतिशत से बढ़कर 10. 21 प्रतिशत हो गई है।
दिल्ली छठा सबसे प्रभावशाली राज्य
सात लाख से ज्यादा कोविड -19 केसेज के साथ दिल्ली छठा सबसे अधिक प्रभावशाली राज्य है। महाराष्ट्र इस मामले में सबसे आगे है। यहां 32 लाख कोरोना से पीड़ित है। महाराष्ट्र के बाद केरल में 11.6 लाख, कर्नाटक में 10.6 लाख, आंध्र प्रदेश में 9.3 और तमिलनाडु में 9.2 लाख लोग कोरोना सेहत हैं। कोरोना से होने वाली मौत के मामले में दिल्ली देश के राज्यों में चौथे स्थान पर है। यहां 11,235 लोगों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है। इस मामले में भी महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। महाराष्ट्र में अब तक कोरोना से 57000 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरे नंबर पर TN है जहां 12886 लोगों की मौत को विभाजित -19 की वजह से हो चुकी है जबकि कर्नाटक में 12849 लोगों की मौत हुई है।
22 मार्च के बाद दिल्ली की भिवह स्थिति
मार्च के दूसरे सप्ताह तक दिल्ली में कोरोना टेस्ट से पॉजिटिव रेट 1 प्रतिशत से भी कम था, लेकिन 22 मार्च के बाद इसमें तेजी से आनी शुरू हो गई है। वर्तमान में यह 10.21 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 23 मार्च को दिल्ली में कोरोनाशक्तिओं की संख्या 1000 को पार कर गई थी। 1 अप्रैल को दिल्ली में कोरोना पीड़ितों की संख्या 2790 थी। इसके बाद हर दिन औसतन कोरोनो पीड़ितों की संख्या में एक हजार की वृद्धि होती देखी जा रही है। शुक्रवार को 8,521 केस रिकॉर्ड किए गए, जो एक लाख से ज्यादा सैंपल टेस्ट में आए थे। दिल्ली सरकार के अनुसार शनिवार को 77,374 सैंपल टेस्ट किए गए जिनमें 10.21 प्रतिशत लोग पॉजिटिव पाए गए।
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