पीएम नरेंद्र मोदी के साथ टोपी पहने एक मुस्लिम युवक की तस्वीर जमकर वायरल हो रही है। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की ओर से तंज कसे जाने के बाद इस पर सियासत भी तेज हो गई है। तस्वीर में दिखे शख्स जुल्फिकार अली ने खुद सामने आकर इस तस्वीर की सच्चाई बताई है तो ओवैसी को भी करारा जवाब दिया है। एक टीवी डिबेट शो में अपनी बात की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ के साथ करने वाले जुल्फिकार अली ने एआईएमआईएमएम प्रवक्ता वारिश पठान को जमकर घेरा और यह भी पूछा कि जय श्री राम बोलना गुनाह क्या है?
जुल्फिकार अली ने वायरल तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को सैल्यूट किया तो उन्होंने भी सैय्युत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने उनका नाम पूछा और जानना चाहा कि वह क्या बनना चाहते हैं। जुल्फिकार ने कहा, ” मैंने पीएम मोदी से कहा कि ना तो मैं पार्षद बनना चाहता हूं, ना ही विधायक या सांसद, मैं अपने देश की सेवा करना चाहता हूं। फिर मैंने पीएम मोदी से कहा कि मेरी इच्छा है कि उनके साथ एक फोटो खिंचवाऊं। ”
टीवी शो आज के एक डिबेट शो में जुल्फिकार ने कहा, ” भारत माता की जय, वारिश पतान जी तो बोलेंगे नहीं भारत माता की जय, क्योंकि वह दूसरे किस्म के मुसलमान हैं, अलग-अलग किस्म के मुलसमान होते हैं। ” आपके ओवैसी तो बहुत पढ़े लिखे आदमी हैं, बैरिस्टर हैं, मैं उनकी बात का जवाब नहीं दे सकता हूं। ’’ जुल्फिकार ने आगे कहा, मैं तो मैं तो पीएम मोदी के पैर छूना चाहता था, लेकिन एसपीएल ने ऐसा करने के लिए दिया था, मैं वहां था। बोल देता जय श्री राम, बोलिए क्या जय श्री राम बोलना गुनाह हमारी किताब में है? हम हिंन्दुवानी होने के नाते बोल नहीं सकते। आप धर्म-धर्म को लड़ाना चाहते हैं? ”
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