लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों और मौतों को लेकर देश में एक तरफ मेडिकल इमरजेंसी है तो दूसरी तरफ राजनीतिक घमासान भी चुटीला हुआ है। ताजा मामला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और झारखंड के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन के बीच एक फोन और एक ट्वीट को लेकर सामने आया है जिसके बाद भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों ने झारखंड के सीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों कई राज्स के मुख्य कार्यकर्ताओं को फोन कर कोरोना संकट पर चर्चा की थी। उनका फोन सीएम हेमंत सोरेन के पास भी गया था जिसके बाद गुरुवार रात सीएम ने एक ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट में सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा कि ‘आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। वह सिर्फ अपने मन की बात की, बेहतर होता है यदि वह काम की बात करते हैं और काम की बात सुनते हैं। सीएम सोरेन के इस ट्वीट पर बवाल मच गया है।
आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। उसने सिर्फ अपने मन की बात की। बेहतर होता है यदि वह काम की बात करते हैं और काम की बात सुनते हैं।
– हेमंत सोरेन (@HemantSorenJMM) 6 मई, 2021
किरण रिजिजू बोले-संवैधानिक पदों की गरिमा को इतना न गिराया जाता है
सीएम हेमंत सोरेन के इस ट्वीट के जवाब में भाजपा के कई दर्शकों के नेतृत्व वाले ने मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन पर जवाब देते हुए लिखा, ‘पृष्ठ संवैधानिक पदों की गरिमा को इस निम्न स्तर तक ले ले जाना। महामारी के इस कठिन समय में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, हम एक टीम इंडिया हैं। ‘
पृष्ठ संवैधानिक पदों की गरिमा को इस निम्न स्तर तक न ले जाएँ। महामारी के इस कठिन समय में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
हम एक टीम इंडिया हैं। https://t.co/ZtYa1axe0t– किरेन रिजिजू (@KirenRijiju) 7 मई, 2021
नागालैंड के सीएम नेफीयो ने लिखा, ‘सीएम के रूप में मेरे कई वर्षों के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के प्रति काफी संवेदनशील रहे हैं। मैं हेमंत सोरेन के इस बयान को पूरी तरह खारिज करता हूं। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोराम थांगा ने ट्वीट कर लिखा कि हम काफी खुशनसीब हैं जो हमें नरेंद्र मोदी जैसा जिम्मेदार प्रधानमंत्री मिला।) जब भी उनका फोन मुझे आता है तो मैं काफी अच्छा महसूस करता हूं।
कई कार्यकाल के लिए एक मुख्यमंत्री के रूप में मेरे अनुभव में, माननीय @PMOIndia श्री @नरेंद्र मोदी हमेशा राज्यों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहा है, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों की। मैं श्री से असहमत हूं @HemantSorenJMM और मुझे उम्मीद है कि उनका बयान वापस ले लिया जाएगा। https://t.co/UrBVDDHuAw
– नीफिउ रियो (@Neiphiu_Rio) 7 मई, 2021
भाजपा के वर्डप्रेस नेता और असोम सरकार के मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने हेमंत सोरेन के लिए लिखा ‘आपका यह ट्वीट न सिर्फ़ न्यूनतम मर्यादा के ख़िलाफ़ है बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मजाक उड़ाना है जिसका हाल जानने के लिए प्रधानमंत्री जी ने फोन किया है। किया था। यह बहुत ओछी हरकत कर दी आपने। मुख्यमंत्री पद की गरिमा भी गिरा दी। ‘
आपका यह ट्वीट न सिर्फ़ न्यूनतम मर्यादा के ख़िलाफ़ है, बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मजाक़ उड़ाना है जिसकी हालिया जानने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने फ़ोन किया था। बहुत ओछी हरकत कर दी आपने। मुख्यमंत्री पद की गरिमा भी गिरा दी https://t.co/AIm0V6uc17
– हिमंत बिस्वा सरमा (@himantabiswa) 6 मई, 2021
पीएम और मुख्य सबकियों की तकरार के कुछ और उदाहरण
कोरेना काल में पीएम और गैर-भाजपा सरकार वाले प्रदेशों के मुख्य कार्यकर्ताओं के बीच तकरार के कई अन्य उदाहरण सामने आए हैं।]हाल में दिलवाली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मुलाकात के दौरान अपने भाषण का लाइव प्रसारण करा दिया था जिस पर खुद पीएम ने आपत्ति जाहिर की थी। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से भी कई मौकों पर पीएम की तकरार सामने आई। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी हाल में पीएम मोदी के साथ हुई प्रविष्टियों पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया था कि इन बैठक में सिर्फ एकतरफा बात होती है। कोई जवाब नहीं है।
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