Home Breaking News पूरा परिवार कोरोना संक्रमित, उखड़ रहीं सांसें, AIIMS में डॉक्टर बोली- टुकड़ों में मरीजों को लगाई है ऑक्सीजन, नहीं है बेड
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पूरा परिवार कोरोना संक्रमित, उखड़ रहीं सांसें, AIIMS में डॉक्टर बोली- टुकड़ों में मरीजों को लगाई है ऑक्सीजन, नहीं है बेड

by Sneha Shukla

देशभर में विकराल रूप धारण कर रही कोरोना महामरी के दौरान गंभीर होते ऑक्सीजन संकट ने अब मरीजों और डॉक्टरों के लिए नई मुश्किलें पैदा कर दी हैं। हालत बिगड़ने पर अस्पतालों की ओर से रहने वाले मरीजों को ऑक्सीजन और बेड्स की कमी का हवाला देकर लौटाया जा रहा है। ऐसे हालात दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर अस्पतालों में देखे जा सकते हैं।

दिल्ली के करोल बाग के रहने वाले एक बुजुर्ग जसपाल का पूरा परिवार कोरोनाटिक है, इसलिए तबीयत अधिक बिगड़ने पर जसपाल के बेटे का ड्राइवर चार अस्पतालों से धक्के खाने के बाद आज दोपहर उन्हें इलाज के लिए देश के सबसे बड़े अस्पताल एएएस के बारे में आया था, जहाँ उनका सांस उखड़ रहा था, लेकिन वहाँ भी डॉ ने उन्हें एडमिट करने से मना करते हुए वापस लौटा दिया। ड्राइवर बुजुर्ग के कागजों पर डॉक्टर से मिन्नतें करता रहा, पर कोई फायदा नहीं हुआ।

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एम्स के आपातकालीन विभाग में तैनात एक महिला डॉक्टर ने कहा कि हमें सभी का इलाज करना है, लेकिन हमारे पास बिस्तर नहीं है, एक ही ऑक्सीजन को टुकड़ों-टुकडों में द्वारा कई रोगियों को लगाया गया है, तब भी हमारे पास बिस्तर नहीं हैं। । आप अपने मरीज सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया या किसी और अस्पताल में ले जाइए।

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गौरतबल है कि दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की इमरजेंसी में शनिवार को ऑक्सीजन की कमी के कारण कुछ समय के लिए नए रोगियों को भर्ती करने पर रोक लगा दी गई थी। एम्स के अधिकारियों ने बताया कि एम्स के आपातकालीन विभाग में नए रोगियों की भर्ती के एक घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दी गई थी क्योंकि सीओवीआईडी ​​-19 रोगियों के लिए ऑक्सीजन की बढ़ती आवश्यकता के कारण ऑक्सीजन पाइपलाइनों को ठीक किया जा रहा था। वर्तमान में लगभग 100 कोरोना रोगी पहले से ही इमरजेंसी एडमिट हैं। यहां पहले से ही एम्स के विभिन्न केंद्रों में भर्ती 800 से अधिक रोगियों के अलावा, भर्ती चालू और आपातकालीन विभाग भी काम कर रहे हैं।

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बता दें कि, दिल्ली सहित देशभर में बेकाबू ढंग से बढ़ते कोरोना के मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को कहा कि हम इसे दूसरी लहर कह रहे हैं, लेकिन यह वास्तव में सुनामी है। इस दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा कि कोविड -19 की दूसरी लहर के मई में चरम पर पहुंचने की आशंका के मद्देनजर उसकी क्या तैयारियां हैं। हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा कि को विभाजित -19 से होने वाली मृत्यु की दर घटाने की आवश्यकता है। इस दौरान हाईकोर्ट ने आगाह किया कि अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अड़चन पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को फांसी दी जाएगी।

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