पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ममता बनर्जी पर निशाना साध रहे हैं। वे मंच से ममता बनर्जी को कई बार दीदी, ओ दीदी कहकर भी बुला चुके हैं, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी ने अपमान बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को चुनावी रैली में एक बार फिर से कांगजी को दीदी, ओ दीदी कहकर बुलाया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल की जनता उन्हें वॉट्सऐप पर मैसेज भेज रही है, जिसमें कई बच्चे दीदी, ओ दीदी कह रहे हैं। मोदी ने रैली में पूछा कि आखिर में इसमें गुस्सा करने वाली क्या बात है। साथ ही पीएम मोदी ने दावा किया कि दो मई को आने वाले नतीजों में राज्य में बीजेपी की ही सरकार बनेगी और टीएमसी को हार मिलेगी।
‘हर घर का बच्चा बोल रहा है- दीदी, ओ दीदी …’
बंगाल के बारासात में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीदी, ओ दीदी से भी उन्हें (ममता बनर्जी) गुस्सा आया है। क्या यह गुस्सा करने वाली बात है। उन्होंने आगे बताया, ” मैं हैरान हूं, मुझे बंगाल के लोगों ने वॉट्सऐप भेजे हैं। सैकड़ों बच्चे जिनमें कोई तीन साल, कोई चार साल या कोई पांच साल का है। इन बच्चों ने अपना वीडियो बनाकर रखा है मोबाइल में और बोल रहे हैं कि दीदी ओ दीदी हैं। बंगाल के हर घर के बच्चे ने दीदी, ओ दीदी बोलना शुरू कर दिया है। ’’ पीएम मोदी ने ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि भतीजे के भविष्य को बचाने के लिए दीदी ने राज्य के युवाओं के वर्तमान और भविष्य को चिप पर लगा दिया गया है। मैं युवाओं से यह जानना चाहता हूं कि दस साल में दीदी ने अपने भतीजे को कहां से कहां पहुंच दिया। यहाँ के युवाओं को दीदी ने कुछ दिया था? अगर दिया तो सिर्फ चाकरी का इंतजार और चाकरी में भ्रष्टाचार। दीदी के लिए अपना भतीजा ही सबकुछ है।
‘एससी-एसटी वालों के खिलाफ दीदी ने छेड़ी खुली लड़ाई’
प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने मोदी के साथ-साथ बंगाल के एससी, एसटी, ओबीसी के मेरे सैनिकों और बहनों के खिलाफ खुली लड़ाई छेड़ दी है। दीदी ने बंगाल के सामान्य वेटर, आप सभी को बदनाम करने का अभियान शुरू कर दिया है। दीदी को तोलाबाजों से कोई समस्या नहीं हो रही है, लेकिन दीदी बंगाल के दलितों को चरित्र प्रमाण पत्र बांट रही हैं। दीदी के करीबी व्यक्ति दलित भाई-बहनों के लिए गलत भाषा बोलते हैं। किसी राज्य का मुख्यमंत्री अपने राज्य के लोगों के लिए न ऐसी बातें बोल सकता है, ऐसी बातों को सोच सकता है। मोदी ने कहा कि अपने 10 साल के शासन में आपने गरीबों से बहुत विश्वासघात किया है। दीदी यह भी जान लें, गरीब बिकाऊ नहीं होता, स्वाभिमानी होता है। गरीब आपके तोलामे कार्यकर्ताओं की तरह दूसरों की कमाई पर नहीं जीता।
मैं जो बोल रहा हूँ, ‘दीदी, ओ दीदी’
इससे भी गुस्सा आता है।
ये गुस्सा करने वाली बात है क्या?
मैं तो हैरान हूं कि बंगाल के सैकड़ों बच्चे वीडियो में कह रहे हैं, ‘दीदी, ओ दीदी’।
बंगाल के हर घर का बच्चा दीदी, ओ दीदी बोलना शुरू कर दिया है।
– पी.एम. @नरेंद्र मोदी # Ebar200PAR pic.twitter.com/bL8k2cjq8A
– BJP LIVE (@BJPLive) 12 अप्रैल, 2021
दीदी, ओ दीदी कहने पर मोदी पर हमला बोल चुके हैं ममता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चुनावी रैलियों में दीदी, ओ दीदी कहकर बुलाते आए हैं। इसके कारण ममता बनर्जी काफी सहयोगी रही हैं और कहीं न कहीं चिढ़ती भी हैं। तृणमूल कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान बताया था, तो खुद मुख्यमंत्री ने कहा था कि पीएम मोदी उन्हें दीदी-दीदी कहकर चिढ़ा रहे हैं। ममता बनर्जी ने हाल की एक रैली में कहा था कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि मोदी उन्हें दीदी, ओ दीदी कहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें चिढ़ाया जाएगा क्योंकि वह उनके लिए ही अच्छा है।
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