Home India बढ़ते कोरोना से निपटने के लिए श्रीनगर में बना कंट्रोल रूम, कॉल सेंटर के जरिए प्रशासन कर रहा मदद
UN में अमेरिकी राजदूत ने कहा- कोरोना के खिलाफ भारत की मदद के लिए 24 घंटे काम करेगा अमेरिका

बढ़ते कोरोना से निपटने के लिए श्रीनगर में बना कंट्रोल रूम, कॉल सेंटर के जरिए प्रशासन कर रहा मदद

by Sneha Shukla

<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> श्रीनगर: कोरोना पर बढ़ते संक्रमण के लिए जम्मू-कश्मीर में प्रशासन कई कदम उठा रहा है। उनके लिए आवश्यक बढ़ते हुए मामलों के बीच लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है। श्रीनगर में एक कोरोना नियंत्रक और nbsp; कक्ष स्थापित किया गया है, जहां से न सिर्फ कोरोना के मरीज़ों को मदद मिल रही है पर साथ साथ आम नागरिकों को भी मदद मिल रही है। & nbsp;

श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नरजाज़ असद के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर शुरू होते ही श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर ऑफिस में कंट्रोल रूम को चालू कर दिया गया था। इस का प्राथमिक काम नए आने वाले कोर कोरोना पॉजिटिव मामलों की कांटेक्ट ट्रेसिंग था, लेकिन अभी भी इस का काम कई और क्षत्रों में फेल गया है। & nbsp;

कॉल सेंटर की अगुवाई एक आईएएस रैंक का अधिकारी कर रहा है और इसमें कई डॉक्टर के साथ साथ एक 30 फोन नंबर वाला कॉल सेंटर भी जुड़ा हुआ है। केंद्र के इंचार्ज मसरत हाशिम के अनुसार कॉल सेंटर से कोरोना के मरीज़ों का हाल चाल, कांटेक्ट ट्रेसिंग और होम क्वारंटाइन में बैठे लोगों तक डॉक्टरी सलाह और इमरजेंसी सेवाएं दी जा रही हैं। & nbsp;

केंद्र का काम कितना बढ़ा है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां 30 मार्च से पहले केंद्र से प्रतिदिन 150-160 कॉल लोगों को जाना था। वहीं आज यह संख्या 3000-3200 कॉल प्रतिदिन तक बढ़ गई है। & nbsp;

मसारत हाशिम के मुताबिक कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उनके लोग तब तक लोगो के संपर्क में रहते हैं जब तक वह ठीक नहीं हो जाते। इमरजेंसी की सूरत में किसी भी मरीज़ की जान ना हो इसके लिए उनके लोग 24 घंटे डेस्क पर होते हैं। कोरोना मरीज़ के ऑक्सीजन की कमी या फिर किसी और इमरजेंसी की सूरत में तुरंत अस्पताल पहुंचाने की भी सुविधाएं दे रहे हैं। & nbsp;

कोरोना की दूसरी लहर में श्रीनगर सब से ज्यादा प्रभावित जिला है और यहां पर इस समय भी सात हज़ार के करीब सक्रिय पॉजिटिव केस हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार हर दिन 500 से ज्यादा नए मामले भी आने के कारण बहुत बड़ी संख्या में क्षेत्रों को बंद कर दिया गया है।

डिप्टी कमिश्नर अजाज़ असद के मुताबिक इस बढ़ती हुई लहर पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने करीब 60 कॉलोनीज को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। ऐसी सुविधा जोन में लोगों को खाने पीने का सामान पहुंचाने और अन्य सुविधाएं देने में भी नियंत्रक और nbsp; कक्ष और कॉल सेंटर पुर्तगाली बन गए हैं।

विशेष रूप से पर ऑनलाइन शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए "स्टूडेंट्स स्पैक" द्वारा एक अलग सेक्शन बनाया गया है। इस सेक्शन में केवल छात्रों और शिक्षा को लेकर आने वाली समस्याओं को सुलझाने के लिए काम होता है जो कोवि के दौरान ही सामने आयी है।

श्रीनगर में कोविड कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर की सफलता के बाद अब अन्य जिलों में भी इस तरह के केंद्र खोले जा रहे हैं। जिससे कोरोना के बढ़ते मामलों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का निपटारा किया जा सकता है।

Related Posts

Leave a Comment