Home Breaking News बढ़ा तनाव: हमास के खिलाफ इस्राइली हमले में बच्चों समेत 26 लोगों की गई जान
इजरायली सेना

बढ़ा तनाव: हमास के खिलाफ इस्राइली हमले में बच्चों समेत 26 लोगों की गई जान

by Sneha Shukla

इस्राइल ने मंगलवार को गाजा पर हवाई हमले कर दो बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया जिनके बारे में उनका मानना ​​था कि वहां उग्रवादी छिपे थे वहां हमास और अन्य सशस्त्र समूहों ने दक्षिणी इस्राइल पर सैकड़ों बम दागे थे। जीएसएलम में हफ्तों के तनाव के बाद यह झड़प हुई हैं।

गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि सोमवार शाम से शुरू हुई झड़प में नौ बच्चे और एक महिला सहित 26 फलस्तीनियों की मौत हुई है। ज्यादातर मौत हवाई हमलों से हुई हैं।

इस्राइली सेना ने कहा कि मरने वालों में कम से कम 16 उग्रवादी थे। इसी अवधि के दौरान गाजा स्थित उग्रवादियों ने इजराइल की तरफ सैकड़ों झिलमिलाए जिनमें दो नागरिकों की मौत हो गई जबकि 10 अन्य घायल हो गए।

इस्राइली सेना के मुताबिक उसने गाजा में उग्रवादी संगठन इस्लामिक जिहाद के एक वरिष्ठ व्यापारी को मार दिया है। उन्होंने कहा कि मारे गए आतंकींदरर की पहचान समीह-अल-मामलुक के तौर पर हुई है, जो इस्लामिक जिहाद की प्रार्थना इकाई का प्रमुख था। सेना ने कहा कि हमले में उग्रवादी संगठन के अन्य वरिष्ठ उग्रवादी भी मारे गए हैं।

इस्लामिक जिहाद ने गाजा सिटी में एक अपार्टमेंट पर हुए हवाई हमले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है जो उसकी सशस्त्र शाखा के वरिष्ठ सदस्य थे। उग्रवादी संगठन ने बदला लेने की बात कही है।

वहाँ तनाव के बढ़ने और बढ़ने का संकेत देते हुए इस्राइल ने सैन्य अभियान का मापरा बढ़ाने की बात कही है। सेना ने कहा कि वह गाजा सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है और रक्षा मंत्री ने 5000 आरक्षित सैनिकों को वहां भेजने का आदेश दिया है।

फलस्तीनियों और इस्राइल के सुरक्षा बलों के बीच घंटों झड़प
रात में हुए हमले व हवाई हमले से पहले फलस्तीनियों और इस्राइल के सुरक्षा बलों के बीच घंटों झड़प होती रही। झड़प यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद परिसर में भी हुई, जिसे यहूदी और मुस्लिम दोनों पवित्र मानते हैं।

बढ़ती अशांति के संकेतों के बीच इस्राइल में अरब समुदाय के सैकड़ों लोगों ने फलस्तीन के खिलाफ इजराइलीबे की हालिया कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। इसे हाल के वर्षों में इस्राइल में फलस्तीनी नागरिकों द्वारा सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।

इस्राइल और इस्राइल की वादी चाहने वाले इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने तीन जंग लड़ीं और गाजा पर आतंकी संगठन के 2007 में हुए कब्जे के बाद से कई बार झड़प भी देखने को मिली। पूर्व में इस्राइल और अंगा पर शासन करने वाले हमास के बीच होने वाली सीमा पार संघर्ष कुछ दिनों बाद समाप्त हो जाता है जिसका कारण अक्सर पर्दे के पीछे से कतर, मिस्र और अन्य देशों द्वारा की जाने वाली पवित्रता होती थी।

मिस्र के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि उनका देश संघर्ष विराम के लिए प्रयास कर रहा है। संवेदनशील कूटनीति पर चर्चा कर रहे अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की मंशा व्यक्त करते हुए कहा कि यरुशलम में इजराइली कार्रवाई ने इन प्रयासों को और जटिल बना दिया है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक फलस्तीनी सुरक्षा अधिकारी ने भी संघर्ष विराम के प्रयासों की पुष्टि की।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि यह लड़ाई कुछ समय तक जारी रह सकती है।

इजराइल की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि सेना गाजा में लक्ष्यों को निशाना बनाने के लक्ष्य चरण में है। इन लक्ष्यों को लक्षित करने की योजना बहुत पहले बना ली गई थी।

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किदरा ने कहा कि कुल 26 लोगों सहित नौ बच्चे और एक महिला इस हमले में मारे गए हैं, जबकि 122 अन्य घायल हुए हैं।

गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाया
इस्राइली हवाई हमले में गाजा शहर में स्थित एक और गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाया गया है। स्थानीय मीडिया में मंगलवार को आयी खबरों के अनुसार, हवाई हमले में इमारत के भीतर मौजूद कई चरमपंथी मारे गए हैं, हालांकि उनकी संख्या ज्ञात है।

हालांकि, रिमल इलाके में इस हमले से लोग बहुत डरे हुए हैं और सड़कों पर निकल आए हैं। मंगलवार दिन में इस्राइल ने एक गगनचुंबी इमारत को निशाना बनाया, उसका कहना था कि वहां हमस का एक तेंदुए का शिकार हुआ था।

फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हमले में एक महिला और उसके 19 साल के दिव्यांग बेटे की मौत हो गई। हमसंदरर के संबंध में वर्तमान में कोई जानकारी नहीं है।

सोमवार से क्रोधा के चरमपंथियों ने भी इस्राइल की ओर से सैकड़ों मिसकर्ण किए।

सोमवार देर रात येरूशलम स्थित अल-अक्सा कंपाउंड में इस्राइल पुलिस व फलस्तीनियों के बीच हिंसा हो गई है। इस्राइल भर में अरब समुदाय के सैकड़ों लोग येरूशलम को लेकर रातोंरात प्रदर्शन करने लगे। इस बीच इसryl के लिए हमास से अल्टीमेटम पारित होने के कुछ मिनटों के बाद ही अल-अक्सा कंपाउंड से सुरक्षा बलों को हटाने के लिए विदेशी हमले शुरू हो गए हैं। यहां के लोगों ने हवाई हमलों के सायरन भी सुने।

येरूशलम पर दावा है कि हिंसा का कारण है
इस हिंसा का बड़ा कारण यह है कि येरूशलम पर फलस्तीन और इस्राइल दोनों ही-अपना दावा जताते हैं। हाल के हफ्तों में फलस्तीन प्रदर्शनकारियों और इस्राइल पुलिस के बीच संघर्षों के कारण येरूशलम में तनाव बहुत बढ़ गया है।]जबकि इस्राइल ने सोमवार को येरूशलम पर कब्जे का जश्न मनाने के लिए शादी को मंजूरी दे दी थी। इसमें फलस्तीनी नागरिकों में और भी नाराजगी बढ़ गई।

दुनिया भर ने की शांति की अपील
इस्राइल में बढ़ती हिंसा को लेकर दुनिया भर से क्षेत्र में शांति की अपील की गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिनकेन ने कहा है कि हमास को आक्रामक प्रदर्शन पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। व्हाइट हाउस ने भी शांति सेना की अपील करते हुए बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने हिंसा पर चिंता जताई है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉ। रमिक राब ने लिखा है कि हमले के तुरंत बंद होने चाहिए। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि वेस्ट बैंक, भ्रष्टा पट्टी और पूर्वी येरूशलम में बढ़ती हिंसा को तुरंत रोकना है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी येरूशलम में हुई हिंसा को लेकर बैठक की, हालांकि उन्होंने बयान जारी नहीं किया।

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