देश की राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की किस कदर किल्लत है, इसके अंजाजा एक डॉक्टर के आंसुओं को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। दिल्ली के शांति मुकुंद अस्पताल के सीईओ सुनील सागर ऑक्सीजन की किल्लत की बात कहते हुए रो पड़े। ऑक्सीजन की कमी का रोना रोते हुए डॉ सुनील सागर ने कहा, स्थिति बहुत विकट है। हमारे पास बहुत कम ऑक्सीजन रहता है। डॉक्टरों से हमने कहा कि जो छुट्टी दी जा सकती है, उन्हें दे दी जाए।
सुनील सागर ने यह भी कहा, हमारे यहां केवल 2 घंटे का ऑक्सीजन बचा है। दिल्ली के शांति मुकुंद अस्पताल के डॉक्टरों को कहना है कि समय पर अगर ऑक्सीजन उपलब्ध हो गई तो मरीजों को छुट्टी नहीं दी जाएगी। वहीं अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज के परिजनों ने सरकार से अपील की है कि उनके अपनों को जल्द ही जल्द ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए।
#घड़ी | सुनील सग्गर, सीईओ, शांति मुक्त अस्पताल, दिल्ली टूट जाता है क्योंकि वह अस्पताल में ऑक्सीजन संकट के बारे में बोलता है। कहते हैं, “… हम शायद ही किसी ऑक्सीजन के साथ बचे हैं। हमने डॉक्टरों से मरीजों को डिस्चार्ज करने का अनुरोध किया है, जिन्हें कोई भी छुट्टी दे सकता है … यह (ऑक्सीजन) 2 घंटे या कुछ और हो सकता है।” pic.twitter.com/U7IDvW4tMG
– एएनआई (@ANI) 22 अप्रैल, 2021
ओडिशा से ऑक्सीजन एयरलिफ्ट करा सकती है केजरीवाल सरकार
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन पूरी तरह खत्म हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्य दिल्ली के हिस्से की ऑक्सीजन पर कैंट्रोल हासिल करने की कोशिश में हैं। यह भी कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार अब ओडिशा से ऑक्सीजन एयरलिफ्ट करा सकती है।
ऑक्सीजन की लॉरियों की सुरक्षा पर ध्यान दें: हाई कोर्ट
उधर, दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि केंद्र सरकार दिल्ली आ रही ऑक्सीजन के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन को सुनिश्चित करे। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि हमें बताया गया है कि पानीपत में ऑक्सीजन की सप्लाई को ऑब्स्ट्रक्ट किया गया है। हाई कोर्ट ने कहा, हम केंद्र सरकार को निर्देश देते हैं कि ऑसीजन को लेकर आ रही लॉरियों की सुरक्षा के लिए विशेष कॉरिडोर्स बनाए जाएं।
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