पट: मधुबनी में अपनी पुश्तैनी जमीन के मामले में स्वीडन में रहने वाली स्वाति पराशर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई थी। इस ट्वीट के बाद मंत्री संजय कुमार झा ने स्वाति के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि ‘स्वाति जी, आपके मामले पर हमने संज्ञान लिया है। इसको लेकर मधुबनी के डीएम अमित कुमार से बातचीत की है। साथ इस मामले पर डीएम से ध्यान देने के लिए कहा गया है।
स्वाति जी, आपका मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है। मैंने मधुबनी के डीएम श्री अमित कुमार से बात की है और उनसे इस पर गौर करने को कहा है।@officecmbihar @ निहार_पुलिस @IPRD_Bihar https://t.co/UFsazNGTkj
– संजय कुमार झा (@SanjayJhaBihar) 15 अप्रैल, 2021
स्वाति का कहना है कि मधुबनी में उनकी पुश्तैनी जमीन है जिसपर लाल झंडे के लिए कुछ लोगों ने जबरदस्ती अतीरामन कर रखा है। कार्रवाई करने पहुंची पुलिस पर भी अतिक्रमण करने वालों ने हमला बोला है। वास्तव में, यह पूरा मामला मधुबनी के पंडुल से जुड़ा है। स्वाति पराशर के पिता अरविंद झा और झारखंड सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए हैं। वे इन दिनों अपने गांव आए थे। उनके बेटे मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे जो अब गांव लौट रहे हैं।
गांव में दस एकड़ जमीन जहां कारोबार करना चाहते हैं
वे सभी पुश्तैनी जमीन पर ऑर्गेनिक फार्मिंग और मर्डर का कारोबार शुरू करना चाहते हैं। उनकी मंशा है कि यहां लोगों को रोजगार मिले और वह भी अपने परिवार के साथ गांव में ही पाएं रहें। अरविंद झा की गांव में करीब 10 एकड़ जमीन है। जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर रखा है। जब भी वे जमीन पर कुछ करने जाते हैं तो उन्हें दबंगों का सामना करना पड़ता है। इंही सब समस्याओं के बाद स्वाति ने सैटेलाइट का सहारा लिया।
स्वीडन में शांति और विकास विषय पढ़ाती हैं स्वाति
गौरतलब हो कि स्वाति राष्ट्रश की परवरिश रांची में हुई है। उनका जन्म मधुबनी में हुआ है। इन दिनों स्वाति स्वीडन के गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय में प्रो। स्कूल ऑफ ग्लोबल स्टडीज में शांति और विकास विषय पढ़ाती हैं। इसके पहले वे ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय में पढ़ती थीं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की विजेटिंग फैकल्टी भी हैं। इससे पहले सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपरिंग सोसाइटीज दिल्ली की विजिटिंग फेलो रह चुके हैं।
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