Home Breaking News मध्यप्रदेश: उज्जैन में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी, आठ गिरफ्तार, रोकने के लिए बनेगी टास्क फोर्स
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी...

मध्यप्रदेश: उज्जैन में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी, आठ गिरफ्तार, रोकने के लिए बनेगी टास्क फोर्स

by Sneha Shukla

मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन कुछ इस आपदा में भी अवसर खोजने की तलाश में हैं। कोरोना के इलाज में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाले रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला सामने आया है।

उज्जैन के एक निजी अस्पताल में रेमडेसिवर इन्जेक्शन का कथित रूप से कालाबाजारी करने के मामले में पुलिस ने रविवार को एक समूह के आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

कोरोनावायरस के मरीजों के लिए यह इंजेक्शन प्रभावी है और आरोपियों द्वारा ऐसा कर अस्पताल में भर्ती को विभाजित -19 मरीजों के जीवन को संकट में डाला जा रहा है। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने दी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अधिकारियों (अजैन शहर) अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए इन आठ आरोपियों में से तीन आरोपी देशमुख अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्रजैन में कार्यरत कर्मचारी हैं और शेष पांच सदस्य आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के पासआउट और अध्ययनरत कर्मचारी हैं।

उन्होंने कहा कि देशमुख अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के तीन कर्मचारी को विभाजित -19 महामारी में रोगी को लगने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन को उसे ना लगाते हुए ऊंचाई पर कीमतकर बेचकर कालाबाजारी कर रहे थे, जिससे मरीजों के जीवन के संकट पैदा हो रहे हैं।

सिंह ने बताया कि आरोपीयों के कब्जे से तीन रेमदेसीवीर इंजेक्शन और दो अन्य एन्टीबायोटिक इंजेक्शन और घटना में प्रयुक्त एक एक्टिवा बरामद हुई है।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लोकेश आंजना (22), प्रियेश चौहान (21), भानु प्रताप सिंह (19), सरफराज शाह (22), वैभव पांचाल (19), हरिओम आंगन (19), कुलदीप चौहान (22) एवं राजेश नरवरिया (25) शामिल हैं।

सिंह ने बताया कि रविवार को थाना मनोतनगंज और सायबर प्रभारी और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के एलाउंस सिटी के सामने आगर रोडjain पर तीन लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन को उल्लूचेत दामों पर बेचने के लिए ग्राहकों / जरुरमांडो को तलाश रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तीन आरोपियों, लोकेश, प्रियेश, भानु प्रताप के कब्जे से एक रेमडेसिवीर इंजेक्शन अवैध रूप से ऊँचे दामों में खरीदी हुई पाए जाने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

सिंह ने बताया कि इन तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रेमदेसीवीर इंजेक्शन वैभव और हरिओम से खाया है। इसके बाद इन दोनों की तलाशी की गई और उनके कब्जे से एक रेमडेसिवर इंजेक्शन और एन्टबायोटिक इंजेक्शन मिला, जिसे तोड़ दिया गया।

उन्होंने कहा कि हस्तक्षेप में वैभव और हरिओम ने बताया कि उन्होंने देशमुख अस्पताल के पृथक-वास वार्ड में काम करने वाले तीन सहयोगियों सरफराज, कुलदीप, राजेश से ये इंजेक्शन खरीदे हैं।

सिंह ने बताया कि इसके बाद सरफराज, कुलदीप, राजेश से हस्तक्षेप की गई और उनके कब्जे से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन और एक हर्बलायोटिक इंजेक्शन लगाया गया।

उन्होंने कहा कि सरफराज, कुलदीप और राजेश ने पुलिस को बताया कि जो रोगी अस्पताल में भर्ती रहते हैं, उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन न लगाते हुए वे इसे बचा कर ऊँचे दामों में खरीद रहे हैं।

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ। नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को ऑक्सीजन और रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी को रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं। मिश्रा ने यहां पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोरोनावायरस महामारी से सामना के लिए प्रबंधों को पुख्ता करने और इंतजामों की समीक्षा करते हुए यह बात कही। बैठक में मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी और अन्य आला अधिकारी मौजूद थे।

मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में कोरोनावायरस आपदा में ड्यूटी कर रहे जवानों की चिंता करते हुए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में सशस्त्र बल (एसएएफ), होमगार्ड गार्ड और पुलिस के प्रदेश भर में 1850 लोग कोर कमांडर हैं। यह भी बताया गया कि जेल विभाग में भी कुछ लोगों की को विभाजित -19 के कारण मृत्यु हो गई।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में रेमदेसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभी तक 11 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इंदौर और भोपाल में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की जा रही है। मिश्रा ने अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार से रासुका के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मिश्रा ने कहा कि ने प्रदेश के कई अस्पतालों में चिकित्सकों के साथ अभद्रता के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने उन अस्पतालों में फोर्स को तैनात करने के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। वह लोगों से अपील करता है कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ किसी भी तरीके की अभद्रता न करें, प्रशासन को सहयोग करें।

Related Posts

Leave a Comment