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मन की पवित्रता बढ़ाती है मां महागौरी की उपासना 

by Sneha Shukla

नवरात्र में आठवें दिन मां महागौरी की उपासना का विधान है। मां महागौरी की शक्ति अमोघ है। मां की उपासना से भक्तों के पूर्व संचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। मां की उपासना से हर असंभव कार्य संभव हो जाता है। माँ के सभी वस्त्र और आभूषण सफेद हैं। माँ को श्वेताम्बरधरा ने कहा है। माँ का वाहन वृषभ है। अत: माँ को वृषारूढ़ा भी कहा गया है।

माँ बेहद शांत मुद्रा में हैं। माँ का रंग अत्यंत औजपूर्ण है। इसलिए मां को महागौरी नाम से जाना जाता है। नवरात्र में अष्टमी के दिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए देवी मां को चुनरी भेंट करती हैं। माँ महागौरी का ध्यान, स्मरण, पूजन-आराधना भक्तों के लिए शुभ कलकारी है। माँ की कृपा से सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। मां की उपासना से मन और शरीर हर तरह से शुद्ध हो जाता है। माँ अपने भक्तों को सदमार्ग की ओर ले जाती हैं। मां की पूजा से अनैतिक विचार नष्ट हो जाते हैं। मां की उपासना से मन की पवित्रता बढ़ती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मन एकाग्र होता है। मां सद् सुख और शांति प्रदान करती हैं। माँ अन्नपूर्णा स्वरूप हैं। अष्टमी के दिन कन्याओं का पूजन करने से मां महागौरी की कृपा प्राप्त होती है। माँ धन-वैभव और सुख-शांति कीतेजात्री देवी हैं। मां की उपासना से जीवन सदा सुखमय रहता है। मां की पूजा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

इस ग्राफ़ में दी गई बदलाव धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिन्हें केवल सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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