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नई दिल्ली: बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले ममता बनर्जी ने गोत्र कार्ड खेल दिया है। पूर्वी मिदनापुर की एक रैली में उन्होंने अपना गोत्र बताया तो बीजेपी नेता पलटवार करने में जुट गए हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि रोहिंग्या को बसाने वाले खौफ से गोत्र पर उतरे हैं। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि कैसे गोत्र गुजराती?
ममता बनर्जी ने क्या कहा था?
नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं मंदिर गया था पुरोहित ने पूछा था कि मेरा गोत्र क्या है? मुझे याद आया कि त्रिपुरेश्वरी मंदिर में अपना गोत्र मां माटी मानुष ने बताया था लेकिन आज जब मुझसे पूछा गया तो मैंने कहा कि व्यक्तिगत गोत्र शांडिल्य है लेकिन मैं समझती हूं कि मेरा गोत्र मां-माटी-मानुष है। ”
हार के ख़ौफ़ से गोत्र पर गिरी- गिरिराज
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उन लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “रोहिंग्या को वोट के लिए बसाने वाले, दुर्गा / काली पूजा रोकने वाले, हिंदुओ को अपमानित करने वाले, अब हार के ख़ौफ़ से गोत्र पर उतर गए।” शांडिल्य गोत्र “सतन और राष्ट्र के लिए समर्पित है, वोट। के लिए नहीं। ” एक अन्य ट्वीट में गिरिराज सिंह ने कहा, “ममता दीदी, अब तो पता करना होगा कि रोहिंग्या और टाइपिंग का भी गोत्र शांडिल्य है?”
दिलीप घोष क्या बोले?
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी अलग अलग समय पर अपना गोत्र बदलती रहती हैं। कभी उनका गोत्र भारतीय होता है तो कभी शाण्डिल्य और अब उन्होंने अपना गोत्र माँ, माटी, मानुष को बताया है। ऐसे में पहले ममता को तय कर लेना चाहिए की उनका गोत्र क्या है।
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