<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> कोरोना की स्थिति पर प्रधानमंत्री की समीक्षा के बाद महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ गई केंद्रीय टीमों ने हस्तक्षेप नियंत्रण में कई खामियों को उजागर किया है। टीम ने महाराष्ट्र के 30, छत्तीसगढ़ के 11 और पंजाब के 9 जिलों का दौरा कर राज्य सरकारों की स्थिति नियंत्रण पर समीक्षा रिपोर्ट तैयार की। समीक्षा रिपोर्ट में कई मुद्दों को उठाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के अत्यधिक उपयोग, पीसीआर जांच और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी का जिक्र किया गया। p>
केंद्रीय टीम ने राज्य सरकारों की कोटि -19 के हस्तक्षेप में खामियों को पाया strong> p> <शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> केंद्रीय टीम ने माना कि तीनों राज्यों में & nbsp;? विभाजित -19 पर उचित व्यवहार के पालन की कमी देखी गई। सिर्फ महाराष्ट्र में देश के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 48.57 फीसद है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में टेस्टिंग की खराब क्षमता भी जांच के नतीजों में देरी का कारण बन रही है। औरंगा, नांदेड़, सतारा जैसे जिलों में कंट्रैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस, विशेषकर सीमित मानव संसाधन के कारण कम पाया गया। p>
होम आइसोलेशन में ठहरनेवाले मरीजों की देखभाल करने को भी टीम ने अपर्याप्त माना। अस्पताल में भर्ती होने के 72 घंटे के अंदर सतारा जिले में ज्यादा मौत हो रही थी क्योंकि मरीज इलाज केंद्रों पर देर से पहुंच रहे थे। स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी पालघर, जलगाँव, यवतमाल और औरंगाबाद जिलों में दर्ज की गई। & nbsp; p>
पंजाब में 9 जिलों का दौरा करने के बाद टीम ने टेस्टिंग का कम पास, विभाजित देखभाल केंद्रों और समर्पित अस्पताल के अलावा स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को रिपोर्ट किया। टीम ने पटियाला और हिंदी में को विभाजित -19 टीकाकरण की धीमी गति का भी इशारा किया। ये मामला मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कोविड -19 वैक्सीन की सीमित आपूर्ति का मुद्दा उठाने के एक दिन बाद आया था। & nbsp; p>
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब के जिलों का दौरा कर तैयार की समीक्षा रिपोर्ट strong> p> महाराष्ट्र p आत्मा ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> छत्तीसगढ़ में टीम ने कई जिलों के संरक्षण जोन में परिधि नियंत्रण की कमी दर्ज की। राज्य के कई हिस्सों में पीसीआर जांच सुविधा, रेमडेसिवियर, हेपरिन जैसी दवाईयां, ऑक्सीजन और एकारेंस सेवाओं की कमी को उजागर किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने संबंधित राज्यों को केंद्रीय टीमों के फीडबैक के बारे में लिखा है। टीम टेस्टिंग, कंटैक्ट ट्रेसिंग, अस्पताल का ढांचा, टीकाकरण और को विभाजित -19 के उचित व्यवहार को लागू करने सहित पांच पहलुओं पर रोजाना रिपोर्ट पेश कर रही है। & nbsp; p>
कोविड -19 का उगता है, मुंबई के सभी प्राथमिक अस्पतालों में सोमवार से कोरोना का टीका लगेगा strong> p>
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